Aurobindo Pharma के Q2 FY27 के नतीजे काफी दमदार रहे हैं। कंपनी ने **₹10,263 करोड़** का रेवेन्यू हासिल किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **24%** ज्यादा है। अमेरिका और यूरोप के बाजारों से मिली मजबूती और Lannett के अधिग्रहण का असर कंपनी के बैलेंस शीट पर साफ दिख रहा है।
मुनाफे में शानदार उछाल
Aurobindo Pharma ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए शानदार आंकड़े पेश किए हैं। पिछले साल की समान अवधि के ₹848 करोड़ के मुकाबले कंपनी का नेट प्रॉफिट इस बार ₹1,126 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, EBITDA मार्जिन में 75 bps का सुधार हुआ है और यह 21% पर आ गया है।
क्यों बढ़ रही है कंपनी?
कंपनी की ग्रोथ के पीछे अमेरिका और यूरोप के बाजारों का बड़ा हाथ है। अमेरिकी कारोबार में 25.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसमें 10 नए प्रोडक्ट्स का बड़ा योगदान रहा, जिसमें 'gAdvair' जेनेरिक और कंपनी का पहला NCE 'ADQUEY' शामिल है। इसके अलावा, Lannett के सफल एकीकरण ने कंपनी के पोर्टफोलियो को और अधिक मजबूती दी है।
भविष्य की रणनीति और केपेक्स (Capex)
कंपनी अपने भविष्य के पाइपलाइन पर आक्रामक निवेश कर रही है। इस तिमाही में कंपनी ने US$ 89 मिलियन का नेट केपेक्स किया है। कंपनी अब बायोसिमिलर (Biosimilars) कारोबार को बड़े पैमाने पर ले जाने के लिए 10,000L की क्षमता वाला मैमैलियन सेल-कल्चर बायोरिएक्टर बना रही है। 'Omalizumab' और 'Denosumab' जैसे प्रोडक्ट्स के साथ कंपनी हाई-वैल्यू सेगमेंट में अपनी जगह पक्की कर रही है।
मजबूत बैलेंस शीट
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी काफी सहज स्थिति में है। तिमाही के अंत में कंपनी के पास US$ 189 मिलियन की नेट कैश पोजीशन है। साथ ही, US$ 146 मिलियन का पॉजिटिव कैश फ्लो कंपनी की भविष्य की विस्तार योजनाओं को बिना किसी दबाव के पूरा करने में मदद करेगा।
