Auro Laboratories का दमदार प्रदर्शन: कैसे चमकी कंपनी?
एग्रोकेमिस्ट्स के लिए एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) बनाने वाली कंपनी Auro Laboratories Limited ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने शानदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले 58.45% की जोरदार बढ़ोतरी हुई है, जो ₹30.74 करोड़ तक पहुंच गया। पिछले साल यह आंकड़ा ₹19.40 करोड़ था।
मुनाफे की बात करें तो यह 91.85% बढ़कर ₹3.53 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹1.84 करोड़ था। यह कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
नए CFO की एंट्री और ऑडिटर की क्लीन चिट
नतीजों के साथ-साथ कंपनी ने एक और अहम घोषणा की है। 29 मई 2026 से नितेश बोहरा कंपनी के नए चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और की मैनेजरियल पर्सन (KMP) होंगे। बोहरा के पास फाइनेंस, बैंकिंग, ऑडिटिंग और टैक्सेशन में 20 से ज्यादा सालों का अनुभव है।
कंपनी को ऑडिटर से एक अनमॉडिफाइड ऑडिट ओपिनियन (unmodified audit opinion) भी मिला है, जो इसके फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स की मजबूती को दर्शाता है।
नए लेबर कोड का कितना असर?
हालांकि, कंपनी ने यह भी बताया कि नए लेबर कोड लागू होने के कारण ग्रेच्युटी प्रोविजन (gratuity provision) पर ₹0.1442 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आया है। यह कंपनी के सालाना नतीजों पर एक छोटा असर है।
आगे क्या उम्मीद करें?
Auro Laboratories का यह प्रदर्शन कंपनी के मजबूत बिजनेस एक्सपेंशन और प्रॉफिटेबिलिटी को दिखाता है। एक अनुभवी CFO की नियुक्ति से कंपनी की फाइनेंशियल लीडरशिप और मजबूत हुई है। निवेशकों की नजरें अब कंपनी के भविष्य की स्ट्रेटेजी और ग्रोथ पर टिकी रहेंगी। नए लेबर कोड्स के संभावित लॉन्ग-टर्म असर पर भी नजर रखना जरूरी होगा।
