AstraZeneca Pharma India: शानदार नतीजे! रेवेन्यू ₹2,275.6 करोड़ पार, मुनाफे में जबरदस्त उछाल

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AuthorNeha Patil|Published at:
AstraZeneca Pharma India: शानदार नतीजे! रेवेन्यू ₹2,275.6 करोड़ पार, मुनाफे में जबरदस्त उछाल

AstraZeneca Pharma India ने FY26 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **33%** बढ़कर **₹2,275.6 करोड़** हो गया, वहीं नेट प्रॉफिट में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

AstraZeneca Pharma India के FY26 के नतीजे

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शानदार फाइनेंशियल रिजल्ट्स का ऐलान किया है। कुल रेवेन्यू ₹2,275.6 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष (FY 2024-25) के ₹1,716.3 करोड़ के मुकाबले करीब 33% ज्यादा है। वहीं, टैक्स के बाद प्रॉफिट (PAT) भी ₹115.7 करोड़ से बढ़कर ₹187.5 करोड़ हो गया। कंपनी के बोर्ड ने ₹36 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश भी की है।

ग्रोथ का राज: Onco और Rare Disease

इस जबरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ की मुख्य वजह Onco (कैंसर) और Rare Disease जैसे अहम थेराप्यूटिक एरिया में शानदार प्रदर्शन रहा। Onco रेवेन्यू अकेले 44% बढ़कर ₹1,610.1 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि Biopharmaceuticals रेवेन्यू 7.2% बढ़कर ₹524.3 करोड़ रहा। Rare Disease सेगमेंट में तो 7 गुना की भारी ग्रोथ देखी गई, जो ₹21.5 करोड़ रहा।

कंपनी का नया मॉडल और बदलाव

इस वित्त वर्ष में AstraZeneca Pharma India ने अपने बेंगलुरु प्लांट में मैन्युफैक्चरिंग बंद कर एक एसेट-लाइटर मॉडल अपनाया है। प्रोडक्ट्स को ग्लोबल साइट्स पर ट्रांसफर कर दिया गया है, जिससे सप्लाई बनी रहे। इस स्ट्रैटेजिक शिफ्ट से कंपनी अपने ऑपरेशंस को और बेहतर बनाना चाहती है।

निवेशकों के लिए खास बातें

कंपनी ने BSR & Co. LLP को अगले 5 सालों के लिए अपना नया स्टेटुटरी ऑडिटर नियुक्त करने की सिफारिश की है। कर्मचारियों की संख्या भी 802 से घटकर 760 हो गई है, जो ऑपरेशनल बदलावों को दर्शाता है।

जोखिम जिन पर रखें नजर

हालांकि, निवेशकों को कुछ बातों पर ध्यान देना चाहिए। कंपनी का डेट-इक्विटी रेश्यो बढ़कर 12.7% हो गया है (जो पहले 4.6% था), जिसका मुख्य कारण लीज लायबिलिटी है। इसके अलावा, इन्वेंटरी टर्नओवर घटकर 1.8 रह गया है (पहले 2.5 था)। NHAI के साथ चल रहे लीगल केस और एक एंटी-कैंसर ड्रग को लेकर NPPA की डिमांड नोटिस के खिलाफ चल रही कानूनी लड़ाई भविष्य में फाइनेंशियल रिस्क पैदा कर सकती है।

आगे क्या?

आगे चलकर, निवेशक एसेट-लाइटर मॉडल का प्रॉफिट पर असर और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर नजर रखेंगे। कानूनी मामलों का निपटारा और मुख्य थेरेपी एरिया में ग्रोथ बनाए रखने की कंपनी की क्षमता निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.