AstraZeneca Pharma India को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। NPPA ने कंपनी के Symbicort इनहेलर पर ओवरचार्जिंग का आरोप लगाते हुए **₹151.20 करोड़** की रिकवरी मांगी थी, जिस पर कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है।
कोर्ट से मिली अंतरिम राहत
दिल्ली हाई कोर्ट ने AstraZeneca Pharma India को एक बड़ी राहत देते हुए NPPA (National Pharmaceutical Pricing Authority) की ओर से की जा रही रिकवरी पर अंतरिम रोक (Interim Stay) लगा दी है। कंपनी पर आरोप था कि उसने अपने Symbicort Turbuhaler 160/4.5 इनहेलर के दाम तय सीमा से ज्यादा वसूले हैं।
विवाद की पूरी कहानी
यह पूरा विवाद मई 2016 से लेकर नवंबर 2025 के बीच की अवधि से जुड़ा है। NPPA का दावा है कि कंपनी ने ड्रग्स (प्राइसेस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 के नियमों का उल्लंघन किया है। अक्टूबर 2026 तक के ब्याज को जोड़कर कुल रिकवरी राशि ₹151.20 करोड़ बैठती है।
आगे क्या होगा?
कंपनी ने इस नोटिस को कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद 29 अक्टूबर, 2026 को यह अंतरिम आदेश आया है। कोर्ट ने अब अगली सुनवाई के लिए 11 जनवरी, 2027 की तारीख तय की है। निवेशकों के लिए यह राहत की बात जरूर है, लेकिन कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। बाजार की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी को भविष्य में इसके लिए प्रोविजनिंग करनी पड़ेगी या नहीं, क्योंकि रेगुलेटरी स्क्रूटनी का असर फार्मा कंपनियों के बैलेंस शीट पर सीधा पड़ता है।
