Aster DM Quality Care ने मर्जर के बाद बड़े प्रशासनिक बदलाव किए हैं। कंपनी अब नए MD और ग्रुप CEO के साथ-साथ एक नई ESOP स्कीम लाने की तैयारी में है, जिसके लिए पोस्टल बैलेट के जरिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगी गई है।
बड़े नेतृत्व बदलाव की तैयारी
Quality Care India Limited (QCIL) के साथ मर्जर के बाद, Aster DM Quality Care अपनी नई रणनीति को अमलीजामा पहना रही है। कंपनी ने वरुण शदीलाल खन्ना (Varun Shadilal Khanna) को 5 साल के कार्यकाल के लिए MD और ग्रुप CEO नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही, बोर्ड में 5 नए डायरेक्टर्स को शामिल करने की योजना है।
ESOP स्कीम का गणित
कंपनी ने अपने कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए 'ESOP स्कीम 2026' का ऐलान किया है। इसके तहत 1,52,54,268 ऑप्शंस जारी किए जाएंगे, जो कंपनी की पूरी तरह से डाइल्यूटेड इक्विटी का लगभग 1.75% हिस्सा है। खास बात यह है कि इसका ग्रांट प्राइस ₹319.40 तय किया गया है, जो मर्जर स्वैप रेश्यो प्राइस ₹456.33 से 30% सस्ता है।
मैनेजमेंट की सैलरी पर नजर
नई नियुक्तियों के साथ-साथ टॉप मैनेजमेंट के पैकेज में भी बदलाव किए गए हैं:
- वरुण खन्ना: ₹8.10 करोड़ फिक्स्ड पे और ₹3.15 करोड़ वेरिएबल पे।
- डॉ. आजाद मूपन (एग्जीक्यूटिव चेयरमैन): ₹12.25 करोड़ तक की कुल सैलरी।
- अलीशा मूपन (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर): ₹2 करोड़ तक की सैलरी।
- इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स: ₹40 लाख प्रति वर्ष का वेतन कैप।
निवेशकों के लिए जोखिम
शेयरधारकों को कंपनी के प्रोमोटर ग्रुप के बढ़ते वेतन और इक्विटी डाइल्यूशन पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। हालांकि 1.75% का डाइल्यूशन बड़ी कंपनियों में सामान्य है, लेकिन लंबे समय में इसका असर प्रति शेयर आय (EPS) पर किस तरह पड़ता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
