Asston Pharmaceuticals ने वित्त वर्ष 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी की टोटल इनकम **23.33%** बढ़कर **₹31.58 करोड़** हो गई है, लेकिन परिचालन लागत में **31%** की भारी बढ़ोतरी के कारण नेट प्रॉफिट लगभग स्थिर रहा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी का नेट प्रॉफिट मामूली बढ़ोतरी के साथ ₹3.86 करोड़ रहा, जबकि टोटल खर्च बढ़कर ₹26.99 करोड़ पर पहुंच गया है। खर्चों में यह उछाल जनवरी 2026 में शुरू हुए नए यूनिट-II मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के ऑपरेशनल लागतों की वजह से आया है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
कंपनी इस वक्त एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। हालांकि, फॉरेन एक्सचेंज से अच्छी कमाई हो रही है, लेकिन जुलाई 2025 के IPO और अब 24.10 लाख शेयरों के प्रेफरेंशियल इश्यू के कारण बेसिक EPS में करीब 20% की गिरावट देखी गई है, जो ₹4.92 प्रति शेयर रह गया है। BSE ने अगस्त 2026 में इस शेयर इश्यू को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
गवर्नेंस और ऑडिटर्स में बदलाव
कंपनी ने अपने सांविधिक ऑडिटर्स (Statutory Auditors) में भी बदलाव किया है। M/s Doshi Doshi & Co. के इस्तीफे के बाद, फरवरी 2026 में M/s Panchal S K & Associates को नियुक्त किया गया है, जिन्हें अब आगामी AGM में 5 साल के कार्यकाल के लिए मंजूरी मिलना बाकी है।
आगे की चुनौतियां
निवेशकों को अब कंपनी की आगामी AGM पर नजर रखनी चाहिए, जहां डायरेक्टर के वेतन बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। साथ ही, प्रेफरेंशियल शेयर अलॉटमेंट से इक्विटी डाइल्यूशन के असर को भी ध्यान में रखना होगा।
