Asarfi Hospital Ltd के शेयरहोल्डर्स ने कंपनी को BSE SME प्लेटफॉर्म से हटकर BSE Mainboard और NSE पर लिस्ट करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
भारी बहुमत से मिली मंजूरी
हाल ही में संपन्न हुई कंपनी की 21वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। सभी प्रस्तावों पर 100% वोटिंग के साथ मुहर लगी है और कुल 1,33,54,160 वोट डाले गए। इसके साथ ही FY2026 के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को अपनाया गया और गोपाल सिंह को डायरेक्टर के पद पर फिर से नियुक्त किया गया है।
क्यों है यह बड़ा कदम?
SME प्लेटफॉर्म से निकलकर Mainboard की ओर जाना कंपनी के लिए एक बड़ी परिपक्वता (Maturity) का संकेत है। इससे कंपनी को कड़े रेगुलेटरी मानकों का पालन करना होगा, जिससे ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी। मार्केट जानकारों का मानना है कि इस कदम से बड़े इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स और म्यूचुअल फंड्स का रास्ता खुलेगा, जो अब तक SME स्टॉक्स में निवेश करने से बचते थे।
आगे क्या होगा?
यह एक मल्टी-स्टेप रेगुलेटरी प्रक्रिया है, जिसमें BSE और NSE से अंतिम मंजूरी का इंतजार रहेगा। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी कब तक फॉर्मल फाइलिंग पूरी करके मेनबोर्ड पर ट्रेडिंग शुरू करती है।
