Artemis Medicare Services को गुरुग्राम जीएसटी विभाग से **₹11.11 करोड़** का शो-कॉज नोटिस मिला है। मामला फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के दौरान दवाओं और इम्प्लांट्स पर जीएसटी जमा न करने के आरोपों से जुड़ा है, जिसे कंपनी ने सिरे से खारिज किया है।
क्या है पूरा मामला?
गुरुग्राम स्थित CGST विभाग ने Artemis Medicare Services को एक नोटिस जारी किया है। विभाग का आरोप है कि अस्पताल ने इन-पेशेंट्स को दी जाने वाली दवाओं और कंज्यूमेबल्स पर जीएसटी वसूला, लेकिन उसे सरकार के पास जमा नहीं किया। विभाग का तर्क है कि अस्पताल ने ये चार्जेज मरीजों से एमआरपी (MRP) के हिस्से के रूप में लिए थे।
कंपनी का अगला कदम
अस्पताल प्रबंधन ने इस दावे को गलत बताते हुए इसे चुनौती देने का फैसला किया है। कंपनी पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एक रिट पिटीशन दायर करने जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी इस केस को एक पुराने मामले से जोड़ने की तैयारी में है, जिस पर उन्हें पहले से ही स्टे ऑर्डर मिला हुआ है।
निवेशकों के लिए रिस्क और चुनौतियां
यह केवल ₹11.11 करोड़ की सीधी देनदारी नहीं है। अगर फैसला कंपनी के खिलाफ जाता है, तो इसके ऊपर भारी ब्याज और पेनल्टी का बोझ भी बढ़ सकता है। फिलहाल, बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या हाई कोर्ट इस मामले में कोई अंतरिम स्टे (Stay) देता है या नहीं। यह पूरा मामला अस्पताल क्षेत्र में टैक्स के प्रावधानों को लेकर चल रही कानूनी बहस का हिस्सा है, जिस पर आगे की कानूनी कार्यवाही ही कंपनी की फाइनेंशियल सेहत तय करेगी।
