Apollo Hospitals के शेयरधारकों (shareholders) और कर्जदाताओं (creditors) ने कंपनी की रीस्ट्रक्चरिंग स्कीम को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। अब इस योजना के तहत नई कंपनी 'Apollo Healthco Limited' के नामकरण के अंतिम फैसले के लिए NCLT (National Company Law Tribunal) की मंजूरी का इंतजार है।
Apollo Hospitals की बड़ी रीस्ट्रक्चरिंग को मिली शेयरधारकों और क्रेडिटर्स की हरी झंडी
Apollo Hospitals Enterprise Ltd ने अपने कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग (corporate restructuring) में एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। कंपनी के इक्विटी शेयरधारकों (equity shareholders), सिक्योरड क्रेडिटर्स (secured creditors) और अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स (unsecured creditors) ने एक कंपोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट (composite scheme of arrangement) के पक्ष में वोटिंग की है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा बुलाई गई बैठकों में इस प्रस्तावित बदलाव को जबरदस्त समर्थन मिला है।
निवेशकों के लिए खास: रीस्ट्रक्चरिंग के लिए हितधारकों का मजबूत समर्थन; NCLT की अंतिम मंजूरी लंबित है।
क्या हुआ?
24 जून, 2026 को NCLT की बैठकों में पुष्टि हुई कि कंपोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को सभी वोटिंग श्रेणियों में आवश्यक बहुमत से मंजूरी मिल गई है। इक्विटी शेयरधारकों के मामले में, 12,17,26,828 में से 11,00,90,750 वोट पक्ष में पड़े, जो लगभग 90.44% समर्थन दर्शाता है। सिक्योरड क्रेडिटर्स की मंजूरी, ₹1,737.94 करोड़ के कर्ज पर वोट करने वालों में से एकमत थी, जिसमें ₹367.61 करोड़ के पक्ष में वोट पड़े। अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स ने भी एकमत होकर मंजूरी दी, जिसमें ₹349.99 करोड़ में से ₹181.18 करोड़ के पक्ष में वोट पड़े।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मंजूरी Apollo Hospitals की उस योजना के लिए हितधारकों का मजबूत समर्थन दर्शाती है, जिसके तहत कंपनी अपने 'आइडेंटिफाइड बिजनेस अंडरटेकिंग' (Identified Business Undertaking) को एक नई इकाई में डीमर्ज (demerge) करेगी, जिसे 'Apollo Healthco Limited' नाम दिया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य विशिष्ट व्यावसायिक इकाइयों को समेकित करना और संचालन को सुव्यवस्थित करना है, जिससे शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक होने की संभावना है। यह कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग की जटिल प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक बाधा को दूर करता है।
पृष्ठभूमि
इस स्कीम में एक बिजनेस अंडरटेकिंग को एक परिणामी कंपनी (Apollo Healthtech Limited, जिसे बाद में Apollo Healthco Limited नाम दिया जाएगा) में डीमर्ज करना और अन्य इकाइयों को इस परिणामी कंपनी में अमाल्गेट (amalgamate) करना शामिल है। प्रबंधन प्रोत्साहन से संबंधित 30 जून, 2025 की एक 'अपसाइड शेयर एग्रीमेंट' (upside share agreement) भी स्कीम के हिस्से के रूप में नोट की गई थी, जो Rasmeli Limited और सुश्री शोभना कामिनेनी के बीच हुई थी।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी अब रीस्ट्रक्चरिंग के अंतिम चरणों की ओर बढ़ रही है। ध्यान माननीय नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल, चेन्नई बेंच और किसी भी अन्य आवश्यक नियामक अनुमोदन से अंतिम मंजूरी प्राप्त करने पर होगा। परिणामी कंपनी के बोर्ड का पुनर्गठन भी स्कीम के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।
जोखिम जिन पर नजर रखनी है
अनुकूल वोटिंग परिणामों के बावजूद, यह स्कीम अभी भी NCLT और अन्य संबंधित नियामक प्राधिकरणों से अंतिम मंजूरी पर निर्भर है। इन निकायों से किसी भी देरी या प्रतिकूल निर्णय कार्यान्वयन की समय-सीमा और रीस्ट्रक्चरिंग की समग्र प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकते हैं।
प्रासंगिक मीट्रिक (समय-आधारित)
- वोटिंग तिथि: 24 जून, 2026
- कर्ज के लिए रिकॉर्ड तिथि: 31 दिसंबर, 2025
- अपसाइड शेयर एग्रीमेंट तिथि: 30 जून, 2025
- कुल इक्विटी वोट्स पोल्ड: 12,17,26,828
- इक्विटी वोट्स इन फेवर: 11,00,90,750
- कुल सिक्योरड डेट वोटेड: ₹1,737.94 करोड़
- कुल अनसिक्योर्ड डेट वोटेड: ₹349.99 करोड़
आगे क्या देखें
निवेशकों को NCLT के अंतिम आदेश से संबंधित घोषणाओं पर करीब से नजर रखनी चाहिए। डीमर्जर और अमाल्गमेशन के अगले कदम, जिसमें Apollo Healthco Limited के रूप में आधिकारिक रीब्रांडिंग शामिल है, प्रमुख विकास होंगे जिन पर नजर रखी जाएगी।
