Apollo Hospitals का शानदार तिमाही प्रदर्शन और स्ट्रैटेजिक डील्स
Apollo Hospitals Enterprise Limited ने वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) और पूरे साल के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने Q4 FY26 में कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में सालाना आधार पर 36% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जो कि ₹529 करोड़ रहा। वहीं, पूरे वित्तीय वर्ष 2026 के लिए कंसोलिडेटेड PAT 34% बढ़कर ₹1,942 करोड़ तक पहुंच गया।
कंपनी के रेवेन्यू में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। Q4 FY26 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 18% बढ़कर ₹6,605 करोड़ रहा, जबकि पूरे साल का रेवेन्यू 16% की बढ़ोतरी के साथ ₹25,229 करोड़ दर्ज किया गया।
फोकस बढ़ाने और वैल्यू अनलॉक करने की रणनीति
इन मजबूत वित्तीय नतीजों के बीच, Apollo Hospitals ने अपनी मुख्य व्यावसायिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने और वैल्यू अनलॉक करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी अपनी सब्सिडियरी Apollo Specialty Hospitals Pvt Ltd (ASHPL) और Apollo Fertility Centres Pvt Ltd (AFCPL) में अपनी हिस्सेदारी Kids Clinic India Limited को ₹1,550 करोड़ के एंटरप्राइज वैल्यू पर बेचने की योजना बना रही है।
इसके अलावा, Apollo Hospitals North Ltd का पैरेंट कंपनी में मर्जर (विलय) किया जाएगा, जिससे कंपनी के ऑपरेशंस को कंसोलिडेट करने और कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाने में मदद मिलेगी।
शेयरधारकों के लिए डिविडेंड और कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर में बदलाव
ASHPL और AFCPL की हिस्सेदारी की बिक्री के बाद, ये दोनों कंपनियां Apollo Hospitals की सब्सिडियरी नहीं रहेंगी। वहीं, Apollo Hospitals North Ltd के विलय से कंपनी के कॉर्पोरेट ढांचे को और सुव्यवस्थित किया जाएगा। कंपनी के बोर्ड ने ₹10 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश भी की है, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद दिया जाएगा।
कर्नाटक में कानूनी चुनौती
इस बीच, Apollo Hospitals को कर्नाटक में एक कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी की एक सब्सिडियरी द्वारा भूमि अनुदान रद्द करने के आदेश को चुनौती दी गई है। हालांकि, हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई है, लेकिन इस मामले का अंतिम समाधान कंपनी के लिए निगरानी का एक महत्वपूर्ण बिंदु बना रहेगा।
मुख्य वित्तीय आंकड़े (Key Financial Metrics)
- Q4 FY26 कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹6,605 करोड़ (+18% YoY)
- Q4 FY26 कंसोलिडेटेड PAT: ₹529 करोड़ (+36% YoY)
- FY26 कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹25,229 करोड़ (+16% YoY)
- FY26 कंसोलिडेटेड PAT: ₹1,942 करोड़ (+34% YoY)
- डी-वेस्टमेंट ट्रांजेक्शन वैल्यू: ₹1,550 करोड़
आगे क्या देखना महत्वपूर्ण होगा?
निवेशक अब डी-वेस्टमेंट और मर्जर प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक रेगुलेटरी अप्रूवल पर करीब से नजर रखेंगे। 25 अगस्त 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी प्रमुख नियुक्तियों और संभावित विलय के लिए महत्वपूर्ण होगी। कर्नाटक में भूमि अनुदान से संबंधित कानूनी मामले की प्रगति पर भी कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन के लिए नजर रखी जाएगी।
