Amanta Healthcare ने सितंबर 2026 तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें रेवेन्यू **₹83.13 करोड़** रहा है। हालांकि, निवेशकों के लिए एक बड़ा रिस्क सामने आया है—**₹91.92 करोड़** का लोन अप्रैल 2027 में मैच्योर हो रहा है, जिसे कंपनी ने करंट लायबिलिटीज में बदल दिया है।
मुनाफे का गणित और ऑपरेशनल ग्रोथ
सितंबर 2026 तिमाही के लिए कंपनी का रेवेन्यू ₹83.13 करोड़ रहा, जो पिछले साल के इसी दौर में ₹70.89 करोड़ था। वहीं, छमाही के आधार पर नेट प्रॉफिट ₹8.17 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹4.71 करोड़ था। ऑपरेशंस के लिहाज से कंपनी अच्छा परफॉर्म कर रही है।
बैलेंस शीट में फंसा पेंच
कंपनी की बैलेंस शीट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ₹91.92 करोड़ के टर्म लोन को करंट लायबिलिटीज की श्रेणी में रखा गया है। वजह यह है कि लैंडर्स के पास 15 अप्रैल 2027 से 'कॉल ऑप्शन' है, जिससे कंपनी अब इस पेमेंट को लंबे समय के लिए टाल नहीं सकती।
घटता कैश और IPO फंड का इस्तेमाल
कैश और इक्विवेलेंट्स में भारी गिरावट आई है, जो घटकर ₹1.67 करोड़ रह गया है, जबकि छमाही की शुरुआत में यह ₹81.01 करोड़ था। कंपनी अपने ₹126 करोड़ के कुल IPO फंड में से अब तक ₹100.83 करोड़ का इस्तेमाल मशीनरी और कंस्ट्रक्शन जैसे कामों में कर चुकी है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
अगले दो क्वार्टर्स में निवेशकों को यह देखना होगा कि मैनेजमेंट ₹91.92 करोड़ के कर्ज को रिफाइनेंस कैसे करता है। फिलहाल, गिरता हुआ कैश रिजर्व और कर्ज का दबाव कंपनी के वर्किंग कैपिटल पर भारी पड़ सकता है।
