Akums Drugs and Pharmaceuticals की सब्सिडियरी कंपनी Pure and Cure Healthcare को NPPA से **₹52.75 करोड़** का बड़ा डिमांड नोटिस मिला है। यह मामला 'Lanol 1000 mg' इंजेक्शन की कीमतों में कथित अनियमितता से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
NPPA (National Pharmaceutical Pricing Authority) ने Pure and Cure Healthcare को यह नोटिस 13 अक्टूबर, 2026 को जारी किया है। आरोप है कि 'Lanol 1000 mg इंजेक्शन' (100ml) की मार्केटिंग करते समय 'Drugs (Prices Control) Order, 2013' के सेक्शन 15 का पालन नहीं किया गया और इसके लिए पहले से कीमत की मंजूरी नहीं ली गई थी।
क्या है डिमांड का ब्रेकअप?
रेगुलेटर ने जो कुल ₹52.75 करोड़ की राशि मांगी है, उसमें कई हिस्से शामिल हैं:
- ₹18.95 करोड़: ओवरचार्जिंग की रकम
- ₹18.95 करोड़: बराबर का जुर्माना
- ₹14.85 करोड़: ब्याज (Interest)
कंपनी का बचाव और दलील
Akums Drugs ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में मुख्य जिम्मेदारी मार्केटर यानी Hetero Healthcare Limited की बनती है। कंपनी का कहना है कि उनके सप्लाई एग्रीमेंट में स्पष्ट 'इंडेम्निटी क्लॉज' (Indemnity Clause) है, जिसके तहत जुर्माने या ब्याज जैसी किसी भी वित्तीय देनदारी के लिए मार्केटर ही जवाबदेह है।
निवेशकों के लिए जोखिम
अब निवेशकों की नजरें इस पर टिकी हैं कि NPPA की कार्यवाही में यह कानूनी बचाव कितना कारगर साबित होता है। यदि एग्रीमेंट के क्लॉज पूरी तरह लागू नहीं हो पाते हैं, तो सब्सिडियरी कंपनी को खुद यह भरपाई करनी पड़ सकती है, जो उसके फाइनेंशियल हेल्थ पर सीधा दबाव बना सकता है।
