Advik Laboratories के लिए बुरी खबर है। कंपनी ने जून 2026 तिमाही में **₹23.8 लाख** का नेट लॉस दर्ज किया है। इसके अलावा, कंपनी पर लिस्टिंग फीस बकाया होने और निवेश व ठप पड़े कैपिटल वर्क-इन-प्रोग्रेस (CWIP) पर ऑडिट की गंभीर चिंताओं के चलते BSE ने इसकी ट्रेडिंग पर रोक लगा दी है।
Advik Laboratories का वित्तीय हाल
Advik Laboratories ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹23.80 लाख का शुद्ध घाटा (Net Loss) दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि में हुए ₹22.01 लाख के घाटे से मामूली वृद्धि है। कंपनी की आय (Revenue) शून्य रही।
ऑडिट में क्या निकली खामियां?
कंपनी के वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditor) ने स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजों पर अपनी रिपोर्ट में कई गंभीर चिंताएं जताई हैं। इसमें ₹53.80 लाख की लागत वाली निवेश (Investments) शामिल हैं, जिनका उचित मूल्यांकन (Fair Value Determination) नहीं किया गया है और जिनके शेयर प्रमाणपत्र (Share Certificates) सत्यापन के लिए उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा, ₹2.12 करोड़ का कैपिटल वर्क-इन-प्रोग्रेस (CWIP) ठप पड़ा है, जिसके संभावित इम्पेयरमेंट (Impairment) के लिए तकनीकी मूल्यांकन की आवश्यकता है।
ट्रेडिंग पर क्यों लगी रोक?
इस ऑडिट रिपोर्ट के कारण कंपनी की वित्तीय स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं, खासकर संपत्ति (Assets) के संबंध में। इससे भी बड़ी बात यह है कि Advik Laboratories ने फाइनेंशियल ईयर 2021-22 से BSE लिस्टिंग फीस का भुगतान नहीं किया है। इसी के चलते BSE ने कंपनी के शेयरों में ट्रेडिंग को निलंबित कर दिया है और इसे सप्ताह के पहले कारोबारी दिन केवल 'ट्रेड-फॉर-ट्रेड' आधार पर ही कारोबार की अनुमति है।
कंपनी की पिछली परेशानियां
Advik Laboratories पहले से ही परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही है, जैसा कि तिमाही के दौरान शून्य आय से स्पष्ट है। BSE लिस्टिंग फीस का भुगतान न होना कई सालों से चला आ रहा है, जिसके कारण मौजूदा ट्रेडिंग सीमाएं लागू हैं। कंपनी FDA से अपने दवा निर्माण लाइसेंस (Drug Manufacturing Licenses) के नवीनीकरण (Renewal) का भी इंतजार कर रही है।
आगे क्या?
Advik Laboratories के शेयरों में ट्रेडिंग अब प्रतिबंधित (Restricted) है। निवेशकों को ऑडिट में पाई गई खामियों और निर्माण लाइसेंसों के लंबित नवीनीकरण के कारण अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेडिंग को सामान्य करने के लिए कंपनी को BSE का बकाया चुकाना होगा और निवेश व CWIP से संबंधित ऑडिटर की चिंताओं को दूर करना होगा।
जोखिमों पर नज़र
लगातार शून्य आय, संपत्तियों पर महत्वपूर्ण ऑडिट योग्यताएं, और BSE ट्रेडिंग पर जारी प्रतिबंध प्रमुख जोखिम हैं। दवा निर्माण लाइसेंसों का नवीनीकरण न हो पाने से भविष्य के संचालन पर और अधिक संकट आ सकता है।
