Aashka Hospitals ने वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही (H1) के नतीजों में दमदार प्रदर्शन दिखाया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **219%** बढ़कर **₹2.49 करोड़** पर पहुंच गया है, हालांकि बढ़ते कर्ज और नेगेटिव कैश फ्लो ने निवेशकों के सामने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुनाफे में बड़ी उछाल
Aashka Hospitals ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई छमाही के लिए अपने अनऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल की समान अवधि के ₹0.78 करोड़ से बढ़कर ₹2.49 करोड़ हो गया है। इस दौरान कंपनी की कुल आय भी ₹10.75 करोड़ से उछलकर ₹15.95 करोड़ पर पहुंच गई है।
बढ़ते खर्चों का दबाव
ऑपरेशनल स्केल बढ़ने के साथ ही खर्चों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। कंपनी का कुल खर्च बढ़कर ₹13.62 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹10.42 करोड़ था। इसका मुख्य कारण कर्मचारियों के वेतन और अन्य ओवरहेड्स में आई तेजी है।
कर्ज का जाल या भविष्य की तैयारी?
कंपनी की बैलेंस शीट पर नजर डालें तो लॉन्ग-टर्म उधारी (Borrowings) में भारी उछाल दिखा है। यह मार्च 2026 के ₹5.68 करोड़ से बढ़कर सितंबर 2026 तक ₹15.43 करोड़ के स्तर पर पहुंच गई है। यह दर्शाता है कि कंपनी विस्तार के लिए बाहरी फंडिंग पर बहुत ज्यादा निर्भर हो रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो फिलहाल चिंता का विषय बना हुआ है। फर्म ने ऑपरेशंस से ₹8.61 करोड़ का नेट कैश आउटफ्लो रिपोर्ट किया है। भारी कर्ज और कैश आउटफ्लो का मेल निवेशकों को सतर्क रहने का इशारा दे रहा है। आगे चलकर मैनेजमेंट किस तरह इस कर्ज का इस्तेमाल करती है और कैश फ्लो को पॉजिटिव में बदलती है, यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा।
