Aarti Pharmalabs का FY26 का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा है, जहां कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹1,747 मिलियन** पर आ गया है। हालांकि, कंपनी ने अपनी फ्यूचर ग्रोथ रणनीति साफ कर दी है और अगले चार साल में **15-18%** की CAGR का टारगेट रखा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की स्थिति
कंपनी ने FY26 के अपने नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹18,194 मिलियन दर्ज किया गया। मुनाफे में 35.9% की बड़ी गिरावट देखी गई है, जिसका मुख्य कारण USD फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स का फेयर वैल्यू एडजस्टमेंट रहा है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि FY25 के साथ इसकी तुलना सीधे नहीं की जा सकती क्योंकि गणेश पॉलीकेम का वर्गीकरण अब एक जॉइंट वेंचर के रूप में किया गया है।
भविष्य के लिए आक्रामक विस्तार
कंपनी फिलहाल एक बड़े निवेश दौर से गुजर रही है। मैनेजमेंट का फोकस अगले 3 से 4 वर्षों में 15-18% रेवेन्यू और EBITDA CAGR हासिल करने पर है। कंपनी अपनी CDMO और CMO सेगमेंट को बड़े पैमाने पर स्केल करने की योजना बना रही है।
प्रमुख प्रोजेक्ट्स और निवेश
कंपनी ने अपनी कैपेक्स (Capex) योजना में तेजी दिखाई है:
- Atali Greenfield Project: इसमें ₹400 करोड़ का निवेश किया गया है, जिसके पहले ब्लॉक की 80% क्षमता Q4 FY26 तक चालू हो चुकी है।
- Tarapur Expansion: महाराष्ट्र में ₹210 करोड़ का ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जो ज़ैंथिन डेरिवेटिव्स के लिए 9,000 MTPA की अतिरिक्त क्षमता जोड़ेगा।
- R&D इन्वेस्टमेंट: FY27 से कंपनी TIDES (पेप्टाइड्स और ऑलिगो न्यूक्लियोटाइड्स) तकनीक में नया निवेश शुरू करेगी।
निवेशकों के लिए जोखिम और निगरानी
मुद्रा की अस्थिरता (Currency Volatility) कंपनी के लिए एक बड़ा रिस्क बनी हुई है। निवेशकों को यह देखना होगा कि नई कैपेसिटी का इस्तेमाल कंपनी कितनी कुशलता से करती है। आगे चलकर, Q3 FY27 में एटली ब्लॉक-2 की ग्राउंडब्रेकिंग और तारापुर यूनिट की सप्लाई चेन पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
