Aarti Pharmalabs ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर **2.75 गुना** बढ़कर **₹66 करोड़** हो गया है, जबकि रेवेन्यू में **47%** की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, क्षमता विस्तार के चलते बढ़ते कर्ज पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।
दमदार नतीजों के पीछे की कहानी
कंपनी के रेवेन्यू में 47% की तेजी के साथ आंकड़ा ₹613 करोड़ पर पहुंच गया है। इस शानदार प्रदर्शन का मुख्य श्रेय 'ज़ैंथिन डेरिवेटिव्स' (Xanthine derivatives) सेगमेंट में वॉल्यूम ग्रोथ और सीडीएमओ (CDMO) कारोबार की मजबूती को जाता है। कंपनी का एबिटडा मार्जिन (EBITDA margin) भी सुधरकर 22.2% हो गया है, जो पिछले साल 17.7% था।
बिजनेस स्ट्रैटेजी और सीडीएमओ का दबदबा
कंपनी अब अपनी तीन-स्तंभीय रणनीति पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सीडीएमओ सेगमेंट में फिलहाल 59 एक्टिव प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जिसमें 39 कमर्शियल और 20 डेवलपमेंट चरण में हैं। मैनेजमेंट ने इस सेगमेंट से भविष्य में ₹1,000 करोड़ के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है। हाल ही में शुरू हुआ स्टेरॉयड ब्लॉक भी अब उत्पादन में अपना योगदान देना शुरू कर चुका है।
कर्ज और जोखिम (Risks to watch)
निवेशकों के लिए ध्यान देने वाली बात यह है कि कैपेक्स (Capex) की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी का कर्ज बढ़कर लगभग ₹660 करोड़ पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2027 के लिए अभी भी ₹350-400 करोड़ के अतिरिक्त निवेश की योजना है, जिसके लिए कंपनी और कर्ज ले सकती है।
आगे क्या होगा?
अगला बड़ा माइलस्टोन 'अताली डेडिकेटेड ब्लॉक' (Atali Block 2) का कमर्शियलाइजेशन है, जिसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 की दूसरी छमाही रखा गया है। इसके अलावा, पेप्टाइड और ओलिगो न्यूक्लियोटाइड लैब्स की प्रगति पर बाजार की नजर रहेगी। एबिटडा 84% बढ़कर ₹136 करोड़ पर रहा है, जो कंपनी की ऑपरेशनल मजबूती को दर्शाता है।
