Aarti Pharmalabs Ltd की 7वीं AGM में शेयरधारकों ने **₹2** प्रति शेयर के डिविडेंड समेत सभी **6** प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। हालांकि, मैनेजमेंट में बदलाव को लेकर संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) के बीच भारी मतभेद देखने को मिला है।
डिविडेंड और नतीजों पर मुहर
22 सितंबर 2026 को आयोजित कंपनी की 7वीं एनुअल जनरल मीटिंग में कंपनी ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड नतीजों को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने निवेशकों के लिए ₹2 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है, जिस पर मुहर लग चुकी है।
बड़े लीडरशिप बदलाव
1 अक्टूबर 2026 से कंपनी के मैनेजमेंट में बड़े फेरबदल लागू होंगे:
- श्रीमती हेतल गोगरी गाला अब मैनेजिंग डायरेक्टर के पद से हटकर होल-टाइम डायरेक्टर की भूमिका निभाएंगी।
- श्री रशेश सी. गोगरी अब नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर से प्रमोट होकर मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभालेंगे।
- श्री राजेंद्र गोगरी रिटायर हो गए हैं और उनके पद को भरने का फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
गवर्नेंस पर क्यों खड़े हुए सवाल?
प्रस्ताव तो पास हो गए, लेकिन वोटिंग के आंकड़ों ने कंपनी के लिए चिंता बढ़ा दी है। संस्थागत निवेशकों ने मैनेजमेंट में बदलाव का कड़ा विरोध किया है:
- हेतल गोगरी गाला के पुनर्नियुक्ति प्रस्ताव के खिलाफ करीब 47.7% संस्थागत वोट पड़े।
- रशेश सी. गोगरी को मैनेजिंग डायरेक्टर बनाने के फैसले का 45.3% संस्थागत निवेशकों ने विरोध किया।
निवेशकों के लिए चेतावनी
इतनी बड़ी संख्या में संस्थागत निवेशकों का विरोध कॉरपोरेट गवर्नेंस और सक्सेशन प्लानिंग पर सवाल उठाता है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी की अगली रेगुलेटरी फाइलिंग पर नजर रखें, क्योंकि बोर्ड के अंदर की यह खींचतान भविष्य में कंपनी के फैसलों पर असर डाल सकती है।
