Aarti Drugs ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर **16%** बढ़कर **₹195 करोड़** पर पहुंच गया है। इस ग्रोथ के पीछे नई फैसिलिटीज का कमर्शियलाइजेशन और रेगुलेटेड मार्केट्स से बढ़ी कमाई मुख्य वजह रही है।
मुनाफे में बढ़त की असली वजह
फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का टोटल रेवेन्यू 6.8% बढ़कर ₹2,568 करोड़ रहा। कंपनी अब अपने निवेश के दौर से बाहर निकल चुकी है। Sayakha में Methylamines फैसिलिटी और USFDA अप्रूव्ड ऑन्कोलॉजी फॉर्मूलेशन प्लांट के शुरू होने से कंपनी का रेवेन्यू मिक्स काफी मजबूत हुआ है। अब कंपनी का 73% रेवेन्यू रेगुलेटेड मार्केट्स से आ रहा है, जो पिछले साल 66% था।
ऑपरेशनल मोमेंटम और EBITDA
चुनौतीपूर्ण प्राइसिंग और कच्चे माल की आपूर्ति में भू-राजनीतिक बाधाओं के बावजूद, कंपनी ने ₹312 करोड़ का EBITDA दर्ज किया है। मार्च 2026 तक Sayakha फैसिलिटी की कैपेसिटी 1,000 टन प्रति माह तक पहुंचने से कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता में काफी सुधार आया है।
बड़े बदलाव: लीडरशिप में ट्रांजिशन
कंपनी ने मैनेजमेंट में बड़े बदलाव का ऐलान किया है। 1 अक्टूबर 2026 से श्री प्रकाश एम. पाटिल रिटायर हो जाएंगे। इसके बाद श्री रशेश सी. गोगरी नए चेयरमैन का पद संभालेंगे, जबकि श्री अधिश पी. पाटिल मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर कंपनी की कमान संभालेंगे। अब निवेशकों की नजर कंपनी के ₹1,000 करोड़ के फॉर्मूलेशन बिजनेस टारगेट पर है।
रिस्क और चुनौतियां
मैनेजमेंट ने माना है कि साल की पहली छमाही (H1) में स्टार्ट-अप लागतों का मुनाफा पर दबाव पड़ा। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में तनाव और अमोनिया जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मार्जिन के लिए शॉर्ट टर्म में बड़ी चुनौती बने हुए हैं। हालांकि, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो फिलहाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर है, जो एक पॉजिटिव संकेत है।
