Waaree Energies: DRI की जांच के बाद सब्सिडीयरी ने चुकाए **₹2.34 करोड़**, मामला हुआ शांत

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Waaree Energies: DRI की जांच के बाद सब्सिडीयरी ने चुकाए **₹2.34 करोड़**, मामला हुआ शांत

Waaree Energies की सब्सिडीयरी Sangam Solar One Private Limited से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। इंपोर्टेड कंपोनेंट्स पर Anti-Dumping Duty के विवाद को सुलझाते हुए कंपनी ने **₹2.34 करोड़** का भुगतान कर दिया है, जिससे अब यह मामला पूरी तरह बंद हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने 27 अगस्त, 2026 को गुजरात के नवसारी स्थित Sangam Solar One के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में सर्च ऑपरेशन चलाया था। यह जांच मुख्य रूप से इंपोर्ट किए गए स्टेनलेस-स्टील पाइप और ट्यूब्स की कैटेगरी और उस पर लागू होने वाली Anti-Dumping Duty (ADD) को लेकर थी।

क्यों राहत की बात है?

रेगुलेटरी जांच अक्सर लंबी कानूनी लड़ाइयों और अनिश्चितता का कारण बनती है, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट खराब होता है। हालांकि, कंपनी ने विवादित राशि और ब्याज मिलाकर कुल ₹2.34 करोड़ का भुगतान कर इस मामले को तुरंत खत्म कर दिया है। मैनेजमेंट ने साफ किया है कि अब इस मामले में कोई भी बकाया नहीं है, जो निवेशकों के लिए जोखिम कम करने वाला कदम है।

आगे क्या ध्यान रखें?

भले ही कंपनी ने इसे क्लोज्ड चैप्टर बता दिया है, लेकिन सोलर सेक्टर में इंपोर्टेड कंपोनेंट्स के नियमों का पालन करना एक अहम चुनौती बना रहेगा। निवेशकों को भविष्य में EPCG और ADD से जुड़े नियमों में होने वाले किसी भी बड़े बदलाव पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह पूरे सेक्टर की कॉस्टिंग को प्रभावित कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.