Waaree Energies ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने **₹753.64 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है और साथ ही डेटा सेंटर मार्केट में उतरने का बड़ा ऐलान किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में Waaree Energies का ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹7,517.74 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹753.64 करोड़ दर्ज किया गया। अगर हम पिछले साल की समान तिमाही से तुलना करें, तो कुल आय ₹6,226.54 करोड़ से बढ़कर ₹7,664.81 करोड़ पर पहुंच गई है। हालांकि, पिछली तिमाही (Q1 FY27) में कंपनी ने ₹891.87 करोड़ का मुनाफा कमाया था, जिसके मुकाबले इस बार प्रॉफिट में मामूली गिरावट देखी गई है।
डेटा सेंटर की ओर बड़ा कदम
कंपनी ने अपने कारोबार में विविधीकरण (Diversification) लाने के लिए डेटा सेंटर बिजनेस में प्रवेश करने का फैसला लिया है। बोर्ड ने ₹1 लाख के निवेश के साथ 'Waaree Green Data Centers Private Limited' के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। इस अधिग्रहण में इसकी सब्सिडियरी Aurovault Data Centers और Sunstar Data Centers भी शामिल हैं। यह कदम कंपनी को सोलर मैन्युफैक्चरिंग से हटाकर हाई-ग्रोथ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर ले जाएगा। साथ ही, बोर्ड ने इंडोसोलर लिमिटेड (Indosolar Limited) के विलय की प्रक्रिया को भी हरी झंडी दिखा दी है, जो अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।
अमेरिकी जांच का साया
कंपनी के सामने एक बड़ी चुनौती अमेरिका से भी जुड़ी है। अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (U.S. Customs and Border Protection) विभाग द्वारा मॉड्यूल एक्सपोर्ट को लेकर एक जांच चल रही है। कंपनी ने इसके खिलाफ 'Notice of Determination of Evasion' के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव रिव्यू फाइल किया है। फिलहाल कोई वित्तीय समायोजन नहीं किया गया है, लेकिन एक्सपोर्ट बिजनेस के लिए यह एक बड़ा नियामक जोखिम (Regulatory Risk) बना हुआ है।
