Vikran Engineering ने अपनी सब्सिडियरी के सोलर प्रोजेक्ट्स को मजबूती देने के लिए **₹2,941.19 करोड़** की कॉर्पोरेट गारंटी को हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही, प्रमोटर्स कंपनी में **₹200 करोड़** का फंड भी डालेंगे।
सोलर पावर पर बड़ा फोकस
कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी की क्रेडिट सुविधाओं और सोलर प्रोजेक्ट्स के काम में तेजी लाने के लिए ₹2,941.19 करोड़ की कॉर्पोरेट गारंटी देने का फैसला किया है। इसके जरिए सब्सिडियरी को बैंकों से कर्ज लेने में आसानी होगी और बड़े प्रोजेक्ट्स को वक्त पर पूरा किया जा सकेगा।
प्रमोटर्स का सपोर्ट
प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग की शर्तों को पूरा करने के लिए कंपनी ने ₹200 करोड़ तक का प्रमोटर इन्फ्यूजन (Promoter Infusion) भी मंजूर कर लिया है। बोर्ड ने इसे लाने के लिए कई विकल्प खुले रखे हैं, जिनमें इक्विटी शेयर्स, अनसिक्योर्ड लोन, नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) या ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (OCDs) शामिल हैं। यह लचीलापन कंपनी को अपनी कैपिटल स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
निवेशकों के लिए रिस्क और फैक्ट्स
निवेशकों को इस बात पर गौर करना चाहिए कि यह गारंटी सीधे तौर पर पैरेंट कंपनी की बैलेंस शीट पर ₹2,941.19 करोड़ की 'कंटिजेंट लायबिलिटी' (Contingent Liability) के रूप में जुड़ गई है। हालांकि यह सोलर विस्तार के लिए अच्छा संकेत है, लेकिन अगर सब्सिडियरी को प्रोजेक्ट्स में देरी या किसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, तो यह जिम्मेदारी पैरेंट कंपनी पर भारी पड़ सकती है।
गवर्नेंस अपडेट
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कॉस्ट ऑडिट रिपोर्ट को भी मंजूरी दे दी है। इस रिपोर्ट को M/s R. R. Ahirwar & Associates ने तैयार किया है, जो कंपनी की रेगुलर कंप्लायंस प्रक्रिया का हिस्सा है।
