Vedanta Power Limited को FY26 में ₹1,713.26 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) हुआ है, जबकि पिछले साल कंपनी मुनाफे में थी। कंपनी की कमाई (Revenue) ₹5,453.18 करोड़ रही। यह नुकसान कुछ खास खर्चों (exceptional items) और भारी कर्ज के कारण हुआ है।
Vedanta Power के नतीजे: चौंकाने वाला नुकसान
Vedanta Power Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के लिए ₹1,713.26 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹31.84 करोड़ के मुनाफे के बिल्कुल उलट है। कंपनी का टोटल रेवेन्यू (Revenue) ₹5,453.18 करोड़ रहा।
भारी नुकसान की वजहें
इस बड़े नुकसान के पीछे खास वजहें (exceptional items) रही हैं, जिनका प्री-टैक्स (pre-tax) असर ₹2,322.28 करोड़ रहा। इसमें 'मेगा बेनिफिट' से जुड़े ट्रेड रिसीवेबल्स (trade receivables) का ₹1,318.60 करोड़ का राइट-ऑफ (write-off) और ₹662 करोड़ का कैपिटल क्रेडिटर सेटलमेंट (capital creditor settlement) शामिल है। इन एकमुश्त खर्चों ने कंपनी के ऑपरेशनल परफॉरमेंस (operational performance) को बुरी तरह प्रभावित किया है।
सिर पर कर्ज का बोझ
31 मार्च, 2026 तक कंपनी पर कुल ₹5,831.45 करोड़ का कर्ज (borrowings) था। नेट डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (net debt-to-equity ratio) 2.99 है, जो बताता है कि कंपनी भारी कर्ज में डूबी हुई है।
डीमर्जर की कहानी
Vedanta Power Limited इस वक्त NCLT (National Company Law Tribunal) द्वारा 9 जनवरी, 2026 को अप्रूव्ड एक स्कीम ऑफ अरेंजमेंट (Scheme of Arrangement) के तहत गुजर रही है। इस स्कीम में Vedanta Limited के कुछ बिजनेसेज को डीमर्ज (demerge) किया जा रहा है, जिसमें पावर अंडरटेकिंग (power undertaking) Vedanta Power Limited में शामिल की जाएगी। इस बड़े कॉरपोरेट रीस्ट्रक्चरिंग (corporate restructuring) का इरादा प्रभावी तारीख 1 मई, 2026 है।
आगे क्या?
अगर डीमर्जर तय समय पर पूरा हो जाता है, तो Vedanta Power का कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर (corporate structure) बदल सकता है। लेकिन फिलहाल कंपनी को रिपोर्ट किए गए नुकसान, खास खर्चों और मौजूदा कर्ज को मैनेज करने पर ध्यान देना होगा।
बड़े रिस्क
कंपनी के लिए एक बड़ा रिस्क यह है कि वह पूरी तरह से एक ही कस्टमर, यानी पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) पर निर्भर है। इसके अलावा, 'मेगा पावर बेनिफिट' से जुड़े मुकदमे (litigation) चल रहे हैं। साथ ही, बायोमास की कमी के लिए ₹83 करोड़ का पेनल्टी प्रोविजन (penalty provision) भी किया गया है।
FY26 के मुख्य आंकड़े
FY26 में रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) ₹5,453.18 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹5,223.40 करोड़ से ज्यादा है। हालांकि, नेट प्रॉफिट ₹31.84 करोड़ (FY25) से घटकर ₹1,713.26 करोड़ के नेट लॉस (FY26) में बदल गया।
निवेशकों को क्या देखना होगा?
निवेशकों को डीमर्जर की प्रगति और उसके असर पर करीब से नजर रखनी चाहिए। PSPCL और 'मेगा पावर बेनिफिट' से जुड़े मुकदमों का नतीजा अहम होगा। साथ ही, रीस्ट्रक्चरिंग के बाद मैनेजमेंट की कर्ज घटाने की रणनीति पर भी ध्यान देना जरूरी है।
