Vedanta Power Limited ने एक बड़ा कॉर्पोरेट पुनर्गठन पूरा कर लिया है। अब कंपनी के प्रमोटर ग्रुप ने **56.38%** हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर लिया है। यह NCLT द्वारा स्वीकृत एक स्कीम के बाद हुआ है, और नए शेयर 15 जून, 2026 से प्रभावी होंगे।
Vedanta Power में क्या हुआ?
Vedanta Power Limited (पहले Talwandi Sabo Power Limited) ने एक महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट पुनर्गठन को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। कंपनी के प्रमोटर ग्रुप ने अब 56.38% की बहुमत हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर लिया है। यह सब जनवरी 2026 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) मुंबई बेंच द्वारा स्वीकृत एक कॉम्पेन्सिटिव स्कीम ऑफ अरेंजमेंट (Composite Scheme of Arrangement) के बाद हुआ है।
प्रमोटरों ने कितनी हिस्सेदारी खरीदी?
कंपनी के अनुसार, प्रमोटर ग्रुप ने 2,20,48,67,749 शेयर हासिल किए हैं। इसके बाद, अधिग्रहण के बाद कंपनी की इक्विटी शेयर कैपिटल 3,91,03,88,057 शेयर हो गई है, और प्रमोटरों की हिस्सेदारी बढ़कर 56.38% हो गई है, जो पहले 0% थी।
यह क्यों अहम है?
यह NCLT-अनुमोदित योजना के तहत शेयरधारिता परिवर्तन का एक औपचारिक समापन है, जिससे एक स्पष्ट प्रमोटर बहुमत के साथ एक नई स्वामित्व संरचना स्थापित हुई है। यह SEBI SAST रेगुलेशन के तहत एक तकनीकी डिस्क्लोजर है।
पूरी कहानी क्या है?
कॉम्पेन्सिटिव स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को NCLT मुंबई बेंच ने जनवरी 2026 में मंजूरी दी थी। यह अधिग्रहण इसी स्वीकृत योजना का नतीजा है, जिसमें Twin Star Holdings Ltd और Vedanta Holdings Mauritius II Limited जैसी संस्थाएं शामिल थीं।
अब क्या बदलेगा?
प्रमोटर ग्रुप के पास अब Vedanta Power Limited में 56.38% की कंट्रोलिंग हिस्सेदारी है। नए आवंटित शेयर BSE और NSE पर ट्रेडिंग के लिए स्वीकार कर लिए गए हैं और 15 जून, 2026 से प्रभावी हो गए हैं।
जोखिम के कारक
निवेशकों को प्रमोटर नियंत्रण बढ़ने के कारण कॉर्पोरेट गवर्नेंस या रणनीतिक दिशा में किसी भी संभावित बदलाव पर नजर रखनी चाहिए।
पीयर तुलना
पुनर्गठन से गुजर रहे पावर सेक्टर की इकाई के रूप में, Vedanta Power के परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन की तुलना NTPC, Tata Power, और Adani Power जैसे प्रतिस्पर्धियों से मार्केट कैपिटलाइजेशन और उत्पादन क्षमता के आधार पर की जाएगी।
क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को कंपनी के भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन, रणनीतिक घोषणाओं और इस महत्वपूर्ण स्वामित्व परिवर्तन के बाद किसी भी आगे की कॉर्पोरेट कार्रवाइयों पर नज़र रखनी चाहिए।
