UltraTech Cement ने इतिहास रच दिया है। कंपनी ने **2 GW** की ग्रीन एनर्जी क्षमता को पार कर लिया है, जिसके साथ ही अब यह अपनी कुल बिजली जरूरत का **48%** हिस्सा रिन्यूएबल और वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम से पूरा कर रही है।
बड़ा माइलस्टोन: 2 GW का आंकड़ा
UltraTech Cement ने आधिकारिक तौर पर 2,024 MW की ग्रीन एनर्जी कैपेसिटी हासिल कर ली है। इसमें 1,580 MW रिन्यूएबल एनर्जी और 444 MW वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम (WHRS) शामिल है। कंपनी ने हाल ही में राजस्थान में 116.55 MW का विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट और कर्नाटक में 10 MW का WHRS प्लांट जोड़कर यह उपलब्धि हासिल की है।
मार्जिन पर क्या होगा असर?
सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग एक एनर्जी-इंटेंसिव बिजनेस है, जो पारंपरिक रूप से कोयले पर निर्भर रहता है। अपनी कुल बिजली खपत का 48% ग्रीन सोर्सेज से हासिल करके कंपनी न केवल ग्लोबल फॉसिल फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव (volatility) से खुद को बचा रही है, बल्कि इससे लंबे समय में मार्जिन को सुरक्षित रखने में भी मदद मिलेगी।
आगे की राह: 2030 का लक्ष्य
कंपनी पिछले एक दशक से नए थर्मल पावर प्लांट में निवेश करने से बच रही है। वर्तमान में, कंपनी की 76 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में से एक-तिहाई अपनी जरूरत का 50% से अधिक ग्रीन एनर्जी से पूरा कर रही हैं। UltraTech का लक्ष्य 2030 तक अपनी कुल बिजली मिक्स में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी को 85% तक ले जाना और 2050 तक 100% रिन्यूएबल (RE100) का लक्ष्य हासिल करना है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
हालाँकि ग्रीन एनर्जी से ऑपरेशनल लागत कम होगी, लेकिन इन प्रोजेक्ट्स के लिए भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) की जरूरत बनी रहेगी। निवेशकों को भविष्य में कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट और हाइब्रिड रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स के परफॉरमेंस पर नजर रखनी चाहिए।
