Transrail Lighting ने सोलर पावर सेक्टर में कदम रखने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी NOPL Pace Green Energy में **₹20 करोड़** में **49%** हिस्सेदारी खरीदने जा रही है, जो महाराष्ट्र में **990 MW** के सोलर प्रोजेक्ट्स पर काम करेगी।
बड़े बदलाव की तैयारी
Transrail Lighting ने अपने बोर्ड से NOPL Pace Green Energy Private Limited में 49% इक्विटी स्टेक खरीदने की मंजूरी ले ली है। इस डील के लिए कंपनी ₹20 करोड़ तक का निवेश करेगी। खास बात यह है कि कंपनी के पास भविष्य में अपनी हिस्सेदारी को 100% तक बढ़ाने का विकल्प भी रहेगा। पूरी डील 180 दिनों के भीतर पूरी होने की उम्मीद है।
क्यों है यह रणनीतिक फैसला?
अब तक Transrail मुख्य रूप से एक EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) प्लेयर के तौर पर जानी जाती थी। लेकिन अब कंपनी खुद के पावर प्रोजेक्ट्स में निवेश करके 'ओनर-ऑपरेटर' मॉडल की तरफ बढ़ रही है। यह 990 MW का सोलर पोर्टफोलियो PM-KUSUM स्कीम के तहत महाराष्ट्र में तैयार किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कंपनी को MSEDCL के साथ 25 साल के पावर परचेज एग्रीमेंट से लंबी अवधि की आय (Recurring Income) मिलेगी।
प्रोजेक्ट का गणित
NOPL Pace Green Energy की शुरुआत अप्रैल 2024 में हुई थी। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत लगभग ₹3,900 करोड़ आंकी गई है, जिसके लिए कर्ज की व्यवस्था भी हो चुकी है। यहाँ बिजली की बिक्री ₹3.10 प्रति यूनिट की फिक्स्ड टैरिफ दर पर तय की गई है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
हालाँकि यह फैसला भविष्य के लिए अच्छा है, लेकिन निवेशकों को ध्यान देना होगा कि EPC से पावर जनरेशन में शिफ्ट होने पर ऑपरेशनल चुनौतियां बढ़ सकती हैं। साथ ही, डील का अंतिम रूप से पूरा होना लेंडर्स (Lenders) की मंजूरी पर निर्भर करता है, जो अभी एक जरूरी पड़ाव है।
