Tata Power की सब्सिडियरी TPREL ने आंध्र प्रदेश में **₹5,750 करोड़** के निवेश से **800 MW** का रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट में विंड और सोलर पावर के साथ इंटीग्रेटेड बैटरी स्टोरेज की भी सुविधा होगी।
टाटा पावर का बड़ा दांव: आंध्र प्रदेश में ₹5,750 करोड़ का 800 MW रिन्यूएबल प्रोजेक्ट
टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) ने आंध्र प्रदेश में 800 MW की क्षमता वाले एक बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट की शुरुआत कर दी है। इस प्रोजेक्ट में कंपनी ₹5,750 करोड़ का भारी निवेश कर रही है।
क्या है खास?
TPREL आंध्र प्रदेश में 800 MW का हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट शुरू कर रही है। इसमें 400 MW विंड पावर और 400 MW सोलर पावर शामिल है। इस प्रोजेक्ट के लिए 3,462 एकड़ जमीन आवंटित की गई है।
क्यों है ये अहम?
यह प्रोजेक्ट टाटा पावर के 2045 तक 100% क्लीन एनर्जी के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके पूरा होने पर कंपनी की रिन्यूएबल क्षमता में बड़ा इजाफा होगा, जो अभी 17.7 GW (अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स सहित) है।
परियोजना का भविष्य
इस प्रोजेक्ट से NTPC को फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी (FDRE) मिलेगी। इसके लिए 25 MW / 50 MWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) भी लगाई जाएगी। कुल 800 MW के लिए ग्रिड कनेक्टिविटी भी सुरक्षित कर ली गई है।
किन बातों का रखना होगा ध्यान?
बड़े प्रोजेक्ट्स में एग्जीक्यूशन रिस्क, जमीन अधिग्रहण और समय पर ग्रिड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना प्रमुख चुनौतियां होती हैं। NTPC जैसे ऑफ-टेकर्स पर निर्भरता भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर है।
भविष्य की चाल
निवेशकों को प्रोजेक्ट के निर्माण की प्रगति, चालू होने की समय-सीमा और BESS के प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, बाकी 200 MW सोलर क्षमता के आवंटन पर भी ध्यान देना होगा।
