Tata Power के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। अपीलीय बिजली न्यायाधिकरण (APTEL) ने महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (MERC) के एक पुराने आदेश के खिलाफ कंपनी की अपील पर पक्ष में फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने माना कि MERC ने गलत तरीके से प्रॉपर्टी और इनकम टैक्स को डिसअलाउ किया था। अब यह मामला MERC के पास वापस भेज दिया गया है, जिससे कंपनी को लगभग ₹268 करोड़ की रिकवरी का रास्ता खुल सकता है।
APTEL से Tata Power को मिली बड़ी जीत
अपेलिएट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी (APTEL) ने Tata Power के पक्ष में फैसला सुनाते हुए महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (MERC) के 8 अगस्त, 2016 के मल्टी-ईयर टैरिफ (MYT) ऑर्डर के अहम हिस्सों को पलट दिया है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
APTEL ने साफ किया है कि MERC ने Tata Power के प्रॉपर्टी टैक्स को 'अनकंट्रोलेबल O&M एक्सपेंस' के तौर पर गलत तरीके से डिसअलाउ किया था। साथ ही, वितीय वर्ष (Financial Year) 2007-08 से 2013-14 तक के इनकम टैक्स एक्सपेंस को भी सही ढंग से डिसअलाउ नहीं किया गया था।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
यह फैसला Tata Power के लिए इसलिए अहम है क्योंकि इससे उनके टैक्स संबंधी दावों को बल मिला है। ट्रिब्यूनल ने इस मामले को MERC को वापस भेज दिया है, ताकि टैक्स एक्सपेंस के इन खास मुद्दों पर जल्द से जल्द नया आदेश पारित किया जा सके। इससे कंपनी को लगभग ₹268 करोड़ की वसूली का मौका मिल सकता है।
आगे क्या होगा?
APTEL के फैसले के बाद अब MERC को डिसअलाउ किए गए खर्चों का फिर से मूल्यांकन करना होगा। हालांकि, कंपनी को कितनी राशि की वसूली होगी और इसमें कितना समय लगेगा, यह MERC द्वारा जारी किए जाने वाले नए आदेश पर निर्भर करेगा।
जोखिम क्या है?
इस मामले में मुख्य जोखिम MERC के अंतिम आदेश की अनिश्चितता है। APTEL ने भले ही सिद्धांत रूप में Tata Power के पक्ष में फैसला सुनाया हो, लेकिन वास्तविक वसूली MERC के फैसले पर ही टिकी है।
