Tata Power ने भारत के तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर मार्केट में अपनी पैठ मजबूत की है। कंपनी ने **2.8 GW** का एक बड़ा ग्रोथ पाइपलाइन तैयार किया है, जिसके जरिए वे **18** बड़े डेटा सेंटर ऑपरेटर्स को बिजली सप्लाई करेंगे।
डेटा सेंटर्स पर कंपनी का फोकस
कंपनी ने अपनी रणनीति के तहत 2.8 GW के अवसर की पहचान की है, जिस पर काम जारी है। इसमें 430 MW डिस्ट्रीब्यूशन कैपेसिटी, 1,236 MW ट्रांसमिशन और 1,150 MW ग्रीन एनर्जी सप्लाई शामिल है। यह पहल उन 18 डेटा सेंटर ऑपरेटर्स की जरूरतों को पूरा करेगी जो भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा हैं।
मुंबई में बड़ा ग्रिड अपग्रेड
मुंबई की बढ़ती बिजली मांगों और हाइपरस्केल सुविधाओं को देखते हुए कंपनी ₹15,000 करोड़ का निवेश ग्रिड विस्तार में कर रही है। इसमें 400 kV का ट्रांसमिशन रिंग नेटवर्क और मौजूदा नेटवर्क को मजबूत करना शामिल है, ताकि डिजिटल सेंटर्स को बिना रुकावट बिजली मिले।
निवेश के लिहाज से क्या है जरूरी?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को 'अपॉर्चुनिटी पाइपलाइन' और 'कन्फर्म ऑर्डर बुक' के बीच अंतर समझना चाहिए। हालांकि यह एक बड़ी संभावना है, लेकिन भविष्य का रेवेन्यू इस बात पर निर्भर करेगा कि ये एंगेजमेंट कितनी जल्दी लॉन्ग-टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट्स में बदलते हैं। साथ ही, मुंबई ग्रिड प्रोजेक्ट का तय समय पर पूरा होना भी कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी के लिए बेहद अहम है।
