Tata Power की सब्सिडियरी TP Solar ने Q2 FY27 में बड़ी कामयाबी हासिल की है। तिरुनेलवेली प्लांट से कंपनी ने **1 GW** सोलर मॉड्यूल का उत्पादन किया है, जिससे पहली छमाही का कुल उत्पादन **2 GW** मॉड्यूल और **1.8 GW** सेल तक पहुंच गया है।
उत्पादन के नए कीर्तिमान
टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट TP Solar ने तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में स्थित अपनी 4.3 GW की मेगा फैसिलिटी में शानदार प्रदर्शन किया है। जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में कंपनी ने 1 GW सोलर मॉड्यूल और 0.9 GW सोलर सेल का उत्पादन किया है। यह डेटा दर्शाता है कि कंपनी अपनी प्रोडक्शन क्षमता को तेजी से बढ़ा रही है।
निवेश का असर और टेक्नोलॉजी
कंपनी ने इस प्लांट में ₹4,300 करोड़ का भारी-भरकम निवेश किया है। इस प्लांट में TOPCon और Mono PERC जैसी आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ AI-ड्रिवेन ऑटोमेशन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे हाई-एफिशिएंसी आउटपुट मिल रहा है। यह रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में कंपनी की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बाजार में मजबूती
TP Solar का यह आउटपुट पूरी तरह से Domestic Content Requirement (DCR) नियमों का पालन करता है और ALMM लिस्ट में शामिल है। इस सर्टिफिकेशन के कारण कंपनी अब सरकारी टेंडर्स में मजबूती से भाग ले सकेगी। हालांकि, कच्चे माल के लिए वैश्विक सप्लाई चेन पर निर्भरता और घरेलू बाजार में बढ़ता कॉम्पिटिशन कंपनी के लिए चुनौती बना रह सकता है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी अपने 4.3 GW की पूरी क्षमता को कितनी जल्दी हासिल कर पाती है।
