Tata Power ने वित्त वर्ष 2026 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में **7%** की बढ़ोतरी हुई है और यह **₹5,118 करोड़** रहा। वहीं, EBITDA में **11%** का इजाफा हुआ है।
Tata Power का दमदार प्रदर्शन
Tata Power ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने कंसॉलिडेटेड वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹4,775 करोड़ से 7% बढ़कर ₹5,118 करोड़ हो गया है। वहीं, कंसॉलिडेटेड EBITDA में 11% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो ₹14,468 करोड़ से बढ़कर ₹16,090 करोड़ पर पहुंच गया है।
हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 1% की मामूली गिरावट आई है और यह ₹64,502 करोड़ से घटकर ₹63,681 करोड़ रह गया है।
मुंद्रा प्लांट के शटडाउन का असर
Standalone रेवेन्यू में बड़ी गिरावट देखी गई, जो ₹21,288 करोड़ (FY25) से घटकर ₹12,969 करोड़ (FY26) रह गया। इसका मुख्य कारण मुंद्रा थर्मल पावर प्लांट का अस्थायी शटडाउन और डिविडेंड इनकम में कमी को बताया जा रहा है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
PAT और EBITDA में हुई यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि Tata Power अपने रिन्यूएबल एनर्जी और डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस का बखूबी इस्तेमाल कर रही है। थर्मल पावर ऑपरेशंस की चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने EBITDA मार्जिन को 22.43% से बढ़ाकर 25.26% कर लिया है, जो बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी का संकेत देता है।
कंपनी का भविष्य का विजन
कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹2.50 प्रति इक्विटी शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है, जो पिछले साल ₹2.25 प्रति शेयर था। मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2030 के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं, जिसमें ₹1,00,000 करोड़ का रेवेन्यू, ₹30,000 करोड़ का EBITDA और ₹10,000 करोड़ का PAT शामिल है। यह सब बिजली की बढ़ती खपत के बीच संभव होगा।
किन जोखिमों पर नजर?
महाराष्ट्र और ओडिशा में टैरिफ निर्धारण और अन्य रेगुलेटरी मामलों से जुड़े विवाद अभी भी एक प्रमुख जोखिम बने हुए हैं। कंपनी इन मुद्दों को सुलझाने के लिए विभिन्न मंचों पर सक्रिय रूप से लगी हुई है।
भविष्य के लिए क्या देखें?
निवेशक लगातार चल रहे रेगुलेटरी विवादों के समाधान, पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (जैसे Bhivpuri और Shirwata) की प्रगति और कंपनी द्वारा अपने महत्वाकांक्षी FY30 लक्ष्यों को पूरा करने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे।
