Tata Power Renewable Energy ने तमिलनाडु के कयाथर में **100 MW** का नया सोलर प्रोजेक्ट शुरू कर दिया है। इस प्रोजेक्ट के साथ कंपनी की कुल ऑपरेशनल रिन्यूएबल कैपेसिटी अब **7 GW** के पार पहुंच गई है।
नई टेक्नोलॉजी का कमाल
Tata Power की सहायक कंपनी TPREL ने कयाथर में इस प्रोजेक्ट को खास तौर पर तैयार किया है। यह भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जिसमें Flexible Terrain Compatible (FTC) सिंगल-एक्सिस ट्रैकर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। यह तकनीक सूरज की दिशा के साथ घूमकर बिजली उत्पादन को और बेहतर बनाती है।
ग्रीन एनर्जी की तरफ बड़ा कदम
यह प्रोजेक्ट सालाना 240.63 मिलियन यूनिट बिजली पैदा करने में सक्षम है, जिससे करीब 1.5 लाख टन CO2 उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी। इस प्लांट से मिलने वाली बिजली सीधे TP Solar, Tata Electronics और Tata Realty को सप्लाई की जाएगी, जो Tata Group के डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा।
कंपनी का पोर्टफोलियो
इस नए प्रोजेक्ट के साथ अब कंपनी की कुल ऑपरेशनल रिन्यूएबल कैपेसिटी 7 GW को पार कर गई है, जिसमें 5.7 GW सोलर और 1.3 GW विंड एनर्जी शामिल है। कंपनी का कुल यूटिलिटी पोर्टफोलियो अब 12.3 GW तक पहुंच गया है।
आगे की चुनौतियां
निवेशकों के लिए ध्यान रखना जरूरी है कि कंपनी के पास अभी भी 5.3 GW का पाइपलाइन प्रोजेक्ट बाकी है। आने वाले 6 से 24 महीनों में इन प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी। सोलर मॉड्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की गति ही आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ तय करेगी।
