Sterling and Wilson Renewable Energy के FY26 नतीजे
Sterling and Wilson Renewable Energy ने वितीय साल 2025-26 के लिए ₹7,548.05 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹6,301.86 करोड़ से काफी ज्यादा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA भी बढ़कर ₹480.75 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹276.19 करोड़ था।
हालांकि, वितीय साल 2026 में कंपनी को टैक्स के बाद ₹295.79 करोड़ का कंसोलिडेटेड घाटा हुआ है, जबकि वितीय साल 2025 में ₹85.55 करोड़ का मुनाफा हुआ था। इस घाटे की मुख्य वजह असाधारण खर्चे रहे।
क्या हुआ खास?
Sterling and Wilson Renewable Energy ने FY2025-26 के वित्तीय नतीजे घोषित किए। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹7,548.05 करोड़ और EBITDA सुधरकर ₹480.75 करोड़ रहा। कंपनी ने रिकॉर्ड 4.5 GW AC सोलर क्षमता स्थापित करके शानदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस दी। नए ऑर्डर ₹10,062 करोड़ के रहे, जिससे अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर वैल्यू (UOV) बढ़कर ₹11,813 करोड़ हो गई।
क्यों है यह मायने रखता है?
रेवेन्यू और ऑर्डर बुक में मजबूती के बावजूद, ₹295.79 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस चिंता का विषय है। कंपनी ने ₹2,510.18 करोड़ का बड़ा स्टैंडअलोन लॉस दिखाया, जिसका मुख्य कारण आर्बिट्रेशन नतीजों के बाद अपनी सब्सिडियरी, Sterling and Wilson International Solar FZCO में निवेश और लोन को राइट-ऑफ करने से जुड़ा ₹2,802.18 करोड़ का असाधारण आइटम था।
क्या बदलेगा अब?
निवेशक कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक को मुनाफे में बदलने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे। बड़े राइट-ऑफ का असर स्टैंडअलोन नतीजों पर पड़ा है, और मैनेजमेंट की फिक्स्ड-प्राइस कॉन्ट्रैक्ट्स पर मार्जिन दबाव को संभालने की रणनीति अहम होगी। AGM में एक विशेष प्रस्ताव भी पेश किया गया है, जिसमें कंपनी के घाटे के कारण मैनेजर को दिए गए अतिरिक्त रेमुनरेशन की वसूली को माफ करने की मांग की गई है।
जोखिम क्या हैं?
कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और फिक्स्ड-प्राइस EPC कॉन्ट्रैक्ट्स से मार्जिन पर दबाव एक बड़ा जोखिम बना हुआ है। स्टैंडअलोन लॉस इंटरनेशनल सब्सिडियरी के मुद्दों के वित्तीय प्रभाव को दर्शाता है, जो भविष्य में भी चिंता का कारण बन सकता है। इसके अलावा, सब्सिडियरी से जुड़े मौजूदा आर्बिट्रेशन या कानूनी मामलों में किसी भी प्रतिकूल विकास पर नजर रखनी होगी।
