सोलर सेक्टर की दिग्गज कंपनी Solex Energy के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। कंपनी को सोलर PV मॉड्यूल सप्लाई के लिए **₹74.77 करोड़** के नए वर्क ऑर्डर मिले हैं, साथ ही **₹174.30 करोड़** का एक लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) भी प्राप्त हुआ है। इन ऑर्डर्स के साथ ही कंपनी की कुल एग्जीक्यूटेबल पाइपलाइन **₹846 करोड़** के आंकड़े को छू गई है, जिसे **2026** के अंत तक पूरा किया जाना है।
ऑर्डर बुक में जोरदार इजाफा
Solex Energy ने अपनी ऑर्डर बुक को मजबूत करते हुए दोहरी कामयाबी हासिल की है। कंपनी को ₹74.77 करोड़ के पक्के वर्क ऑर्डर मिले हैं, जबकि ₹174.30 करोड़ का LOI मिलना भविष्य में रेवेन्यू के नजरिए से काफी सकारात्मक है। ये सभी प्रोजेक्ट 31 दिसंबर, 2026 तक पूरे किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
क्यों है यह निवेशकों के लिए अहम?
इतने बड़े ऑर्डर्स मिलना कंपनी के सोलर प्रोडक्ट्स की बाजार में बढ़ती मांग को दर्शाता है। इससे अगले दो वर्षों के लिए कंपनी की रेवेन्यू विजिबिलिटी काफी साफ हो गई है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि कंपनी कितनी तेजी से इन LOIs को पक्के सप्लाई एग्रीमेंट्स में तब्दील कर पाती है।
गुजरात प्लांट का दम
कंपनी का 4 GW क्षमता वाला ताडकेश्वर (गुजरात) प्लांट इस ग्रोथ का मुख्य इंजन बना हुआ है। 'इंडस्ट्री 4.0' तकनीक से लैस यह मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी यूटिलिटी, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर की जरूरतों को पूरा कर रही है। अब कंपनी का पूरा ध्यान प्रोडक्शन बढ़ाने और प्रोजेक्ट्स की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने पर है।
रिस्क और आगे की राह
निवेशकों को 'एग्जीक्यूशन रिस्क' पर नजर रखनी चाहिए। अगर प्रोजेक्ट्स में देरी होती है या साइट की तैयारी में समय लगता है, तो मार्जिन पर दबाव आ सकता है। बाजार अब इस बात पर नजर रखेगा कि कंपनी का ₹846 करोड़ का पाइपलाइन कितनी तेजी से एग्जीक्यूट होता है और ताडकेश्वर प्लांट की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन क्या रहती है।
