Seamec लिमिटेड ने Q1 FY27 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 41% बढ़कर **₹297 करोड़** हो गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने **$70 मिलियन** में 'Seamec ANANT' नाम की नई वेसल (जहाज) खरीद ली है।
Seamec लिमिटेड के दमदार Q1 FY27 नतीजे
Seamec लिमिटेड ने पहली तिमाही, फाइनेंशियल ईयर 2027 (Q1 FY27) के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 41% का जबरदस्त उछाल आया है, जो ₹211 करोड़ से बढ़कर ₹297 करोड़ हो गया है। वहीं, स्टैंडअलोन रेवेन्यू भी 41% बढ़कर ₹201 करोड़ से ₹283 करोड़ पर पहुंच गया है।
EBITDA और PAT में भी मजबूती
कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA ₹124 करोड़ रहा, जबकि स्टैंडअलोन EBITDA ₹117 करोड़ दर्ज किया गया। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) की बात करें तो कंसोलिडेटेड PAT ₹81 करोड़ और स्टैंडअलोन PAT भी ₹81 करोड़ रहा। पिछले साल Q1 FY26 में कंसोलिडेटेड PAT ₹76 करोड़ और स्टैंडअलोन PAT ₹80 करोड़ था, इस लिहाज से PAT में भी मामूली बढ़ोतरी हुई है।
नई वेसल की खरीद से विस्तार की तैयारी
कंपनी ने $70 मिलियन में 'Seamec ANANT' नाम की एक नई वेसल को खरीदने की घोषणा की है। यह कदम कंपनी के बेड़े (fleet) के विस्तार और सेवा क्षमताओं को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उम्मीद है कि यह नई वेसल कंपनी की कमाई को और बढ़ाएगी। कंपनी का लक्ष्य अगले 3-5 सालों में 15-20% का CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) हासिल करना है, जिसके लिए 40-42% का मार्जिन बनाए रखने का अनुमान है।
पुराने बिजनेस से निकलने की रणनीति
Seamec अपने बल्क कैरियर बिजनेस से बाहर निकलकर मुख्य ऑफशोर सर्विस बिजनेस पर फोकस करने की रणनीति पर काम कर रही है। इससे कंपनी के ऑपरेशन्स को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। नई वेसल 'Seamec ANANT' का अधिग्रहण कंपनी की संपत्ति (asset base) को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम है और उम्मीद है कि अगस्त 2026 तक सभी जरूरी औपचारिकताओं के बाद यह रेवेन्यू में योगदान देना शुरू कर देगी।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
निवेशकों को मानसून के मौसम में ऑफशोर वेसल्स के मौसमी डाउनटाइम (seasonal downtime) पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह एक आवर्ती परिचालन कारक है। इसके अलावा, मध्य पूर्व जैसे क्षेत्रों में भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं भी जोखिम पैदा कर सकती हैं। नई वेसल के अधिग्रहण की समय पर पूर्णता भी महत्वपूर्ण होगी।
