SJVN का रेवेन्यू रिकॉर्ड स्तर पर
SJVN लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने ऑपरेशन से होने वाले रेवेन्यू में 22% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है। यह रेवेन्यू बढ़कर ₹3,545 करोड़ हो गया है, जिसका मुख्य कारण टैरिफ ऑर्डर की पहचान है। वहीं, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के रेवेन्यू में 109% का भारी उछाल देखा गया।
मुनाफे की बात करें तो, वित्त वर्ष 2026 के लिए कंपनी का आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (PAT) 4% बढ़कर ₹1,008 करोड़ रहा। चौथी तिमाही में PAT में 308% की शानदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹125 करोड़ तक पहुंच गया।
क्षमता विस्तार और शेयरधारकों को इनाम
SJVN ने FY26 में 1730 MW की नई क्षमता जोड़ी है, जिससे कंपनी की कुल स्थापित क्षमता अब 4196 MW हो गई है। इस दौरान, कंपनी ने बक्सर थर्मल पावर प्लांट की पहली यूनिट (660 MW) और बीकानेर सोलर पावर प्रोजेक्ट (1000 MW) जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को चालू किया है।
कंपनी ने शेयरधारकों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 15% का डिविडेंड देने की सिफारिश की है, जो निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर है।
भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां
SJVN अपनी उत्पादन क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है और जल्द ही एक नई बिजनेस प्लान जारी करेगा। कंपनी अगले तीन वित्त वर्षों में बड़े पैमाने पर पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) करने की योजना बना रही है।
हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए। बीकानेर प्रोजेक्ट में पावर कटेलमेंट (बिजली की कटौती) और खुड़ादा प्रोजेक्ट में कनेक्टिविटी की समस्याएँ सामने आ सकती हैं। इसके अलावा, विनिमय दर में उतार-चढ़ाव और अन्य आय दबावों के कारण फाइनेंस कॉस्ट में वृद्धि भी एक चिंता का विषय है।
इंडस्ट्री का परिदृश्य
SJVN का थर्मल और रिन्यूएबल एनर्जी दोनों में क्षमता विस्तार पर ध्यान केंद्रित करना, भारत के पावर सेक्टर के मौजूदा रुझानों के अनुरूप है। NTPC और Power Grid Corporation जैसी अन्य बड़ी कंपनियां भी इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण क्षमता विस्तार कर रही हैं।
मुख्य प्रदर्शन मेट्रिक्स:
- FY'26 रेवेन्यू: ₹3,545 करोड़ (22% YoY वृद्धि)
- Q4 FY'26 रेवेन्यू: 109% YoY वृद्धि
- FY'26 PAT: ₹1,008 करोड़ (4% YoY वृद्धि)
- Q4 FY'26 PAT: ₹125 करोड़ (308% YoY वृद्धि)
- FY'26 क्षमता वृद्धि: 1730 MW
- कुल स्थापित क्षमता: 4196 MW
- अनुशंसित डिविडेंड: 15% (FY'25-'26 के लिए)
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बातें:
निवेशकों को निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स के चालू होने, नई बिजनेस प्लान की प्रगति, और पावर कटेलमेंट की समस्याओं के समाधान पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, कैपिटल एक्सपेंडिचर और कंपनी के कर्ज के स्तर पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
