SJVN Ltd ने बिहार के बक्सर थर्मल पावर प्रोजेक्ट में दूसरी यूनिट को आधिकारिक रूप से चालू कर दिया है। **660 MW** की इस नई क्षमता के जुड़ने के साथ ही अब यह **1,320 MW** का प्लांट पूरी तरह ऑपरेशनल हो गया है, जो कंपनी के रेवेन्यू में बड़ी बढ़ोतरी ला सकता है।
क्षमता में हुआ बड़ा इजाफा
SJVN Limited ने अपनी सब्सिडियरी, SJVN Thermal Private Limited के जरिए बक्सर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की दूसरी यूनिट का कमर्शियल ऑपरेशन (COD) शुरू कर दिया है। 12 सितंबर, 2026 से यह 660 MW की यूनिट नेशनल ग्रिड का हिस्सा बन गई है, जिससे अब पूरे 1,320 MW प्लांट की सालाना जनरेशन क्षमता 9,828.72 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई है।
क्यों है यह निवेशकों के लिए अहम?
यह प्रोजेक्ट 'सुपरक्रिटिकल टेक्नोलॉजी' पर आधारित है, जिससे थर्मल एफिशिएंसी बेहतर होती है और एमिशन (Emissions) कम होता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस प्लांट से उत्पादित बिजली का 85% हिस्सा बिहार राज्य को लंबी अवधि के पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के तहत दिया जाएगा। यह एग्रीमेंट कंपनी को एक स्टेबल और फिक्स्ड कैश फ्लो (Cash Flow) सुनिश्चित करता है, जो लंबे समय में वैल्युएशन के लिए काफी पॉजिटिव है।
भविष्य की चुनौतियां और नजरिया
हालांकि यह प्रोजेक्ट अब रेवेन्यू जेनरेटिंग एसेट बन चुका है, लेकिन निवेशकों को प्लांट लोड फैक्टर (PLF) और फ्यूल सप्लाई चेन की स्थिरता पर नजर रखनी चाहिए। चूँकि यह एक थर्मल एसेट है, इसलिए कोयले की उपलब्धता और सरकार के कार्बन एमिशन से जुड़े नए नियमों में बदलाव इसके प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं। आने वाली तिमाही नतीजों में इस पूरी क्षमता का असर कंपनी के टॉप-लाइन पर साफ नजर आने की उम्मीद है।
