Reliance Power के निवेशकों के लिए मिली-जुली खबरें आई हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन बेसिस पर तो मुनाफा कमाया है, लेकिन कंसॉलिडेटेड लेवल पर भारी नुकसान झेलना पड़ा है। इसके साथ ही, कंपनी ने **₹9,000 करोड़** तक की बड़ी फंड जुटाने की योजना का भी ऐलान किया है।
Detailed Coverage
स्टैंडअलोन में कमाई, कंसॉलिडेटेड में घाटा
कंपनी की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, Reliance Power ने स्टैंडअलोन आधार पर ₹13.37 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। वहीं, दूसरी ओर, कंसॉलिडेटेड बेसिस पर कंपनी को ₹336.89 करोड़ का बड़ा नेट लॉस हुआ है। कंसॉलिडेटेड टोटल इनकम पिछले साल के ₹8,257.04 करोड़ से घटकर ₹7,988.52 करोड़ हो गई है।
₹9,000 करोड़ जुटाने की योजना
कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए ₹6,000 करोड़ तक का फंड QIP (Qualified Institutions Placement) के जरिए और ₹3,000 करोड़ नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए जुटाने की घोषणा की है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने ऑपरेशन्स और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में निवेश के लिए कर सकती है।
सासन UMPP का अच्छा प्रदर्शन
Reliance Power का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट, सासन अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट (UMPP), लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। इसका प्लांट लोड फैक्टर (PLF) 87% रहा है, जो पूरे भारत में थर्मल पावर प्लांट्स के औसत 60% के मुकाबले काफी बेहतर है।
किन जोखिमों पर रखें नजर?
ऑडिटर ने कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' (चलती रहने वाली इकाई) की क्षमता पर एक बड़ी अनिश्चितता जताई है। यह कॉर्पोरेट गारंटी के इंवोकेशन और इंसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स से जुड़ा है। इसके अलावा, कंपनी डायरेक्टोरेट ऑफ एनफोर्समेंट (ED) के मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जांच और SEBI द्वारा रेगुलेटरी वायलेशन और फर्जी बैंक गारंटी के आरोपों पर की जा रही फोरेंसिक ऑडिट का सामना कर रही है।
