Reliance Industries ने FY26 में रिकॉर्ड ₹11.75 लाख करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और **17.8%** बढ़कर ₹95,754 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी के बोर्ड ने Jio Platforms के IPO के लिए ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस को भी मंजूरी दे दी है, जो शेयरधारकों के लिए एक बड़ा कदम है।
Reliance Industries का शानदार प्रदर्शन और Jio IPO की मंजूरी!
रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, जो कंपनी के अब तक के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन को दर्शाते हैं। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 9.8% की बढ़ोतरी के साथ ₹11,75,919 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, EBITDA ₹2,07,911 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 17.8% की जोरदार उछाल के साथ ₹95,754 करोड़ दर्ज किया गया। इस शानदार नतीजों के साथ, Jio Platforms के बोर्ड ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को भी मंजूरी दे दी है।
यह क्यों मायने रखता है?
कंपनी के इन रिकॉर्ड नतीजों से साफ जाहिर होता है कि रिलायंस के विभिन्न बिजनेस सेगमेंट्स में ग्रोथ कितनी मजबूत है। Jio Platforms के DRHP की मंजूरी, इसके IPO के जरिए शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। साथ ही, कंपनी का न्यू एनर्जी और AI पर फोकस भविष्य की ग्रोथ के लिए इसे बेहतर स्थिति में लाता है।
पूरी कहानी
Reliance Industries ने एनर्जी, रिटेल और डिजिटल सर्विसेज में लगातार अपनी पकड़ मजबूत की है। FY26 में, कंपनी ने ₹1,44,271 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) किया, जो पिछले पांच सालों में कुल ₹6,48,428 करोड़ रहा। इसके साथ ही, कंपनी की ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग्स में भी सुधार हुआ है, जो S&P पर A- और Moody's पर Baa1 है।
अब क्या बदलेगा?
Jio के DRHP को मंजूरी मिलने से इसका पब्लिक लिस्टिंग का रास्ता साफ हो गया है, जिसे RIL के वैल्यूएशन के लिए एक महत्वपूर्ण इवेंट माना जा रहा है। इसके अलावा, RIL अपने नए ग्रोथ एरियाज, जैसे AI और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर भी तेजी से काम कर रही है।
जोखिम जिन पर नजर रखें
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित व्यवधान, ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) सेगमेंट के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं, जिससे माल ढुलाई और बीमा लागत बढ़ सकती है। ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी मुनाफे को प्रभावित कर सकता है।
साथियों से तुलना
Reliance का डिजिटल आर्म, Jio Platforms, टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज के तेजी से बढ़ते बाजार में प्रतिस्पर्धा करता है। Reliance Retail ऑर्गेनाइज्ड रिटेल प्लेयर्स से प्रतिस्पर्धा का सामना करती है। O2C बिजनेस ग्लोबल रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स इंडस्ट्री में काम करता है जो चक्रीय है।
FY26 के मुख्य आंकड़े
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹11,75,919 करोड़ (9.8% YoY की बढ़ोतरी)
- EBITDA: ₹2,07,911 करोड़
- नेट प्रॉफिट: ₹95,754 करोड़ (17.8% YoY की बढ़ोतरी)
- कैपेक्स: ₹1,44,271 करोड़
सेगमेंट परफॉर्मेंस:
- Jio Platforms रेवेन्यू: ₹1,46,885 करोड़
- Reliance Retail ग्रॉस रेवेन्यू: ₹3,70,026 करोड़
- O2C रेवेन्यू: ₹6,62,401 करोड़
- मीडिया & एंटरटेनमेंट रेवेन्यू: ₹34,917 करोड़
- एक्सप्लोरेशन & प्रोडक्शन (E&P) रेवेन्यू: ₹23,861 करोड़
आगे क्या देखें
निवेशक Jio IPO की प्रगति, RIL की न्यू एनर्जी पहलों के क्रियान्वयन (जैसे सोलर PV मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन अमोनिया सप्लाई एग्रीमेंट्स) और AI-संचालित कंप्यूट बैकबोन के विकास पर करीब से नजर रखेंगे। कंपनी को FY27 से नए एनर्जी और AI प्रोजेक्ट्स से कमाई बढ़ने की उम्मीद है।
