Reliance Industries: 50.98% एक्सपोर्ट, 2035 तक नेट कार्बन जीरो का लक्ष्य!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Reliance Industries: 50.98% एक्सपोर्ट, 2035 तक नेट कार्बन जीरो का लक्ष्य!
Overview

Reliance Industries ने FY26 के लिए अपनी Business Responsibility and Sustainability Report (BRSR) जारी कर दी है। कंपनी का कुल टर्नओवर ₹5,46,852 करोड़ रहा, जिसमें एक्सपोर्ट का योगदान **50.98%** रहा। रिलायंस ने **2035** तक नेट कार्बन जीरो बनने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, साथ ही रिन्यूएबल एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ाने पर भी जोर दिया है।

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Reliance Industries FY26 सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट की मुख्य बातें

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए Reliance Industries का कुल टर्नओवर ₹5,46,852 करोड़ रहा, जिसमें एक्सपोर्ट्स का योगदान 50.98% रहा। इस दौरान कंपनी की नेट वर्थ ₹5,33,313 करोड़ दर्ज की गई।

निवेशकों के लिए खास:

यह रिपोर्ट निवेशकों को रिलायंस के परिचालन के पैमाने, एक्सपोर्ट के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी पैठ और 2035 तक नेट कार्बन जीरो बनने जैसे महत्वाकांक्षी सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों की ओर प्रगति की महत्वपूर्ण जानकारी देती है। साथ ही, यह कंपनी के पारदर्शी ESG डिस्क्लोजर के प्रति प्रतिबद्धता को भी उजागर करती है।

कंपनी की रणनीति

रिलायंस धीरे-धीरे अपनी ऊर्जा पहलों को नए ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ा रही है, जबकि ऑयल टू केमिकल्स (O2C) सेगमेंट में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है। BRSR रिपोर्ट हितधारकों के लिए कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति और पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन करने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है।

आगे क्या?

यह रिपोर्ट रिलायंस की वित्तीय मजबूती और उसकी रणनीतिक दिशा की पुष्टि करती है। निवेशक इस डेटा का उपयोग कंपनी के ESG प्रदर्शन और वैश्विक सस्टेनेबिलिटी रुझानों के साथ इसके तालमेल का मूल्यांकन करने के लिए कर सकते हैं।

जोखिमों पर नजर

रिपोर्ट में प्रगति का विवरण तो दिया गया है, लेकिन O2C व्यवसाय का बड़ा पैमाना (टर्नओवर का 92.37%) यह दर्शाता है कि ऊर्जा संक्रमण से जुड़ी कोई भी वैश्विक चुनौती या नियामक बदलाव संचालन को प्रभावित कर सकता है। 2035 तक नेट कार्बन जीरो हासिल करने के लिए निरंतर निवेश और तकनीकी प्रगति की आवश्यकता होगी।

तुलनात्मक विश्लेषण

2035 तक नेट कार्बन जीरो लक्ष्य के प्रति रिलायंस का ध्यान इसे वैश्विक ऊर्जा दिग्गजों की श्रेणी में रखता है जो इसी तरह के महत्वाकांक्षी पर्यावरणीय लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं। एक्सपोर्ट्स में इसका महत्वपूर्ण योगदान इसके मुख्य व्यवसायों में मजबूत वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।

मुख्य आंकड़े (FY26):

  • कुल टर्नओवर: ₹5,46,852 करोड़
  • एक्सपोर्ट का योगदान: 50.98%
  • नेट वर्थ: ₹5,33,313 करोड़
  • रिन्यूएबल एनर्जी की खपत: 54,13,239 GJ (FY25 में 53,44,930 GJ से बढ़ा)
  • नॉन-रिन्यूएबल एनर्जी की खपत: 47,26,20,603 GJ (FY25 में 47,62,97,024 GJ से घटा)
  • स्कोप 1 उत्सर्जन: 3,63,50,070 MT CO2e
  • स्कोप 2 उत्सर्जन: 19,18,352 MT CO2e

आगे क्या देखें?

निवेशकों को रिलायंस की नेट कार्बन जीरो रोडमैप पर प्रगति, अपने नए ऊर्जा व्यवसायों के विकास और एक्सपोर्ट बाजारों में उसके निरंतर प्रदर्शन पर नज़र रखनी चाहिए। रिन्यूएबल एनर्जी और उत्सर्जन कम करने वाली तकनीकों में कंपनी के चल रहे निवेश महत्वपूर्ण होंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.