Ravindra Energy ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी Energy In Motion के साथ विलय (Amalgamation) का ऐलान किया है। इस डील के तहत Energy In Motion के निवेशकों को हर 100 शेयर के बदले Ravindra Energy के 209 शेयर मिलेंगे।
विलय की नई रणनीति
कंपनी ने रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बिजनेस को एक साथ लाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। इस विलय का मुख्य मकसद एक इंटीग्रेटेड 'एनर्जी-एज-अ-सर्विस' प्लेटफॉर्म तैयार करना है। इसके जरिए कंपनी सोलर पावर, e-HCVs और बैटरी-स्वैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को एक छत के नीचे लाकर ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाना चाहती है।
प्रमोटर हिस्सेदारी में बड़ा बदलाव
इस मर्जर के बाद कंपनी का कैपिटल बेस मजबूत होने की उम्मीद है। हालांकि, शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मर्जर के बाद प्रमोटर्स की हिस्सेदारी मौजूदा 58.26% से बढ़कर 74.54% हो जाएगी, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग 41.74% से घटकर 25.46% पर आ जाएगी।
क्या है आगे की राह और रिस्क?
यह डील अभी NCLT, SEBI और स्टॉक एक्सचेंजों की मंजूरी पर निर्भर है। कंपनी को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विलय की प्रक्रिया पूरी होने से पहले वह रेगुलेटरी गाइडलाइन्स के तहत 'न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग' (Minimum Public Shareholding) के नियमों का पालन करे।
कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति (जून 2026 तक)
- Energy In Motion: कुल एसेट ₹7,973.23 मिलियन, नेट वर्थ ₹3,612.26 मिलियन।
- Ravindra Energy: स्टैंडअलोन नेट वर्थ ₹6,579.11 मिलियन।
