RattanIndia Power ने अपनी 19वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की तारीख का ऐलान कर दिया है। 24 सितंबर, 2026 को होने वाली इस बैठक में कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2026 के कमजोर नतीजों पर चर्चा होगी, जहां कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹221.92 करोड़** से गिरकर **₹52.44 करोड़** रह गया है।
मुनाफे पर दबाव और डिविडेंड का संकट
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹2,991.36 करोड़ रहा है। पिछले साल के मुकाबले नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट के चलते बोर्ड ने इस साल कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है। कंपनी का पूरा ध्यान फिलहाल कर्ज प्रबंधन और ऑपरेशनल स्टेबिलिटी पर है।
ऑपरेशनल परफॉर्मेंस: राहत की खबर
मुनाफे में कमी के बावजूद कंपनी का 1,350 MW अमरावती थर्मल पावर प्रोजेक्ट अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। यहाँ प्लांट लोड फैक्टर (PLF) 82.10% और प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर (PAF) 87.88% रहा है। साथ ही, कंपनी को 'Change in Law' क्लेम के तहत ₹876.84 करोड़ की रिकवरी से बड़ी लिक्विडिटी मिली है, जो कामकाज को सहारा दे रही है।
AGM का मुख्य एजेंडा
24 सितंबर की इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए जाएंगे:
- ऑडिटर्स की नियुक्ति: T R Chadha & Co. LLP को 5 साल के लिए वैधानिक ऑडिटर के तौर पर नियुक्त करना।
- लीडरशिप में बदलाव: राजीव रतन को डायरेक्टर के तौर पर री-अपॉइंट करना और 1 अक्टूबर, 2026 से ध्रुव रतन नशियर को वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त करना।
- वोटिंग: रिमोट ई-वोटिंग के लिए 17 सितंबर, 2026 की रिकॉर्ड डेट तय की गई है।
निवेशकों के लिए जोखिम
आने वाले समय में कोयले की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मेरिट ऑर्डर डिस्पैच सिस्टम में बदलाव कंपनी के मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशकों को कंपनी द्वारा 'Change in Law' क्लेम के बाकी मुद्दों को सुलझाने की दिशा में उठाए गए कदमों पर नजर रखनी चाहिए।
