Promax Power Ltd ने FY26 में **₹70.73 करोड़** का रिकॉर्ड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो **6.5%** की बढ़त है। हालांकि, बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों के कारण नेट प्रॉफिट **63.4%** गिरकर **₹0.86 करोड़** रह गया है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट की वजह
कंपनी की ओर से जारी FY 2025-26 की एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, रेवेन्यू तो अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है, लेकिन बॉटम-लाइन पर दबाव साफ दिख रहा है। ऑपरेटिंग और प्रोजेक्ट से जुड़े खर्चों में बढ़ोतरी के चलते नेट प्रॉफिट में 63.4% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
नई राह: सोलर और EV पर फोकस
Promax Power अब पारंपरिक EPC मॉडल से हटकर एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस की तरफ बढ़ रही है। कंपनी के भविष्य के प्लान में ये मुख्य पॉइंट्स शामिल हैं:
- सोलर पावर: सब्सिडियरी के जरिए 6 MW का सोलर प्रोजेक्ट, जिसके लिए HESCOM के साथ PPA साइन हुआ है।
- EV इंफ्रास्ट्रक्चर: 'Promax PlugUp EV' में 20.83% की हिस्सेदारी के जरिए चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार, जिसमें अमेरिका के बाजार में एंट्री का प्लान भी है।
- कार्बन क्रेडिट: Promax CarbonTier के माध्यम से सस्टेनेबिलिटी कंसल्टिंग सर्विस।
गवर्नेंस और AGM
कंपनी अपनी 9वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को आयोजित करने जा रही है। बोर्ड ने विशाल भारद्वाज को अगले 5 साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर फिर से नियुक्त किया है। साथ ही, M/s मनीष जैन एंड एसोसिएट्स को नए स्टेट्यूटरी ऑडिटर के रूप में नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है।
इन्वेस्टर्स के लिए अब यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपने नए सोलर प्रोजेक्ट्स और EV बिजनेस से मार्जिन को कैसे स्टेबल करती है।
