Prism Johnson Ltd ने 10 साल के लिए ईस्टर्न कोलफील्ड्स और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स के साथ कोल सप्लाई का बड़ा करार किया है। इससे कंपनी को **1.28 लाख टन प्रति वर्ष** कोयला मिलेगा, कुल कोल सप्लाई बढ़कर **2.79 लाख टन** हो गई है।
Prism Johnson को मिली कोल सप्लाई की गारंटी
Prism Johnson Ltd ने कोल की किल्लत को दूर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के साथ 10 साल की लंबी अवधि के लिए कोल सप्लाई एग्रीमेंट साइन किए हैं। ये कॉन्ट्रैक्ट नीलामी के जरिए हासिल किए गए हैं।
क्यों है यह डील अहम?
इस डील से Prism Johnson के सीमेंट डिवीजन को अगले दशक के लिए फ्यूल की लागत और उपलब्धता को लेकर बड़ी राहत मिली है। अभी मौजूदा कोल लिंकेज फरवरी 2027 में एक्सपायर होने वाले हैं, ऐसे में यह नया करार कंपनी के लिए बड़ी अनिश्चितताओं को खत्म करेगा और ऑपरेटिंग मार्जिन को स्थिर रखने में मदद करेगा।
क्या होगा अब?
इन नए कॉन्ट्रैक्ट्स के तहत Prism Johnson को हर साल 1.28 लाख टन अतिरिक्त कोयला मिलेगा। इससे कंपनी का कुल कोल लिंकेज बढ़कर 2.79 लाख टन प्रति वर्ष हो गया है। यह मात्रा कंपनी के सीमेंट डिवीजन की सालाना फ्यूल जरूरत का लगभग 50% हिस्सा कवर करती है।
क्या हैं जोखिम?
हालांकि, कंपनी की आधी जरूरतें इस नए लिंकेज से पूरी होंगी, लेकिन बाकी 50% फ्यूल के लिए उसे अभी भी ओपन मार्केट पर निर्भर रहना होगा। ऐसे में बाजार में कोयले की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कंपनी पर पड़ सकता है।
नजर रखने वाली बातें
यह एग्रीमेंट 17 अगस्त 2026 से 90 दिनों के अंदर लागू हो जाएंगे। इन कॉन्ट्रैक्ट्स का सालाना अनुमानित मूल्य ₹70.49 करोड़ है। निवेशक अब इन एग्रीमेंट्स के सफल कार्यान्वयन और बाकी 50% फ्यूल की जरूरत को पूरा करने के लिए कंपनी की भविष्य की योजनाओं पर नजर रखेंगे।
