Power Grid Corporation ने राजस्थान से **6 GW** सोलर पावर पहुंचाने के लिए एक बड़े ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट को हासिल कर लिया है। TBCB फ्रेमवर्क के तहत मिले इस BOOT प्रोजेक्ट से कंपनी को हर साल **₹3,244.33 करोड़** का रेवेन्यू मिलेगा।
बड़े प्रोजेक्ट से मिली बड़ी जीत
Power Grid Corporation of India Ltd (POWERGRID) को 6 GW सोलर पावर को इवैक्यूएट (evacuate) करने वाले ट्रांसमिशन सिस्टम का काम सौंपा गया है। कंपनी को 2 सितंबर, 2026 को इसके लिए 'लेटर ऑफ इंटेंट' (LoI) मिला है। यह पूरा काम TBCB (टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग) फ्रेमवर्क के तहत BOOT मॉडल पर पूरा किया जाएगा।
क्यों है यह प्रोजेक्ट खास?
यह प्रोजेक्ट भारत के ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन के लिए बेहद अहम है। इसके जरिए राजस्थान के बाड़मेर से सोलर पावर को बड़े शहरों तक पहुंचाया जाएगा। कंपनी 6,000 MW क्षमता वाले 800 kV HVDC टर्मिनल्स और 1,000 किमी लंबी HVDC बाइपोल लाइन का निर्माण करेगी जो राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ेगी।
शेयरधारकों के लिए क्या है संकेत?
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि कंपनी को अब सालाना ₹3,244.33 करोड़ का फिक्स्ड ट्रांसमिशन चार्ज मिलेगा, जो लंबे समय तक कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत रखेगा। यह पावर ग्रिड की मार्केट लीडरशिप को और भी पुख्ता करता है।
रिस्क और आगे की राह
हालाँकि, 1,000 किमी लंबी लाइन के निर्माण और भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) जैसी चुनौतियों पर निवेशकों को नजर रखनी होगी। प्रोजेक्ट की समय पर कमीशनिंग (commissioning) ही आने वाले समय में कंपनी के कंसोलिडेटेड अर्निंग्स (earnings) को रफ्तार देगी।
