Power Grid Corporation ने ट्रांसमिशन लाइनों को अपग्रेड करने के लिए ₹856.94 करोड़ के बड़े निवेश को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट में HTLS कंडक्टर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे पावर ट्रांसफर क्षमता बढ़ेगी।
ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाने की तैयारी
Power Grid Corporation of India Ltd ने अपनी दो महत्वपूर्ण 400kV डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइनों - तिरुनेलवेली – उडुमलपेट और पुगलुर - मदुरै - के रीकंडक्टरिंग (reconductoring) के लिए ₹856.94 करोड़ के अतिरिक्त कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) को हरी झंडी दे दी है। इस प्रोजेक्ट में हाई-टेंप्रेचर लो-सैग (HTLS) कंडक्टर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा।
क्यों है यह निवेश अहम?
यह मंजूरी Power Grid के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने और कैपिटल एक्सपेंडिचर पर लगातार फोकस को दिखाती है। HTLS टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके मौजूदा लाइनों पर पावर ट्रांसफर की क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। इससे ग्रिड की एफिशिएंसी (efficiency) और विश्वसनीयता (reliability) में सुधार होगा, साथ ही नई जमीन की जरूरत या टावर में बड़े बदलाव की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
प्रोजेक्ट की टाइमलाइन
यह प्रोजेक्ट फरवरी 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के सफल कार्यान्वयन (execution) से कंपनी की पावर ट्रांसमिशन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
आगे क्या?
निवेशकों को अब प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन (execution) पर नजर रखनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह निर्धारित समय-सीमा फरवरी 2028 तक पूरा हो जाए। किसी भी तरह की देरी या लागत में बढ़ोतरी से प्रोजेक्ट के रिटर्न पर असर पड़ सकता है।
