Power Grid Corporation ने Barmer HVDC Power Transmission Limited में **100%** हिस्सेदारी खरीद ली है। **₹18.98 करोड़** की यह डील राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के बीच **6 GW** के विशाल पावर इवेक्यूएशन प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए की गई है।
प्रोजेक्ट का रोडमैप और वित्तीय गणित
पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ने इस डील के लिए ₹18.98 करोड़ का भुगतान किया है। इस रकम में 50,000 इक्विटी शेयर और SPV की नेट एसेट्स व लायबिलिटीज शामिल हैं। यह प्रोजेक्ट टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग (TBCB) रूट के तहत विकसित किया जाएगा, जिसे मूल रूप से REC Power Development and Consultancy Limited द्वारा सेटअप किया गया था।
क्यों है यह प्रोजेक्ट खास?
यह 6 GW का पावर इवेक्यूएशन सिस्टम राजस्थान के रिन्यूएबल एनर्जी जोन से बिजली निकालने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद आधुनिक है, जिसमें:
- राजस्थान और महाराष्ट्र में ±800 kV के HVDC टर्मिनल होंगे।
- करीब 1,000 किमी लंबी HVDC बाइपोल लाइन बिछाई जाएगी जो तीन राज्यों से होकर गुजरेगी।
रेगुलेटरी चुनौतियां
कंपनी के पास अब मालिकाना हक तो आ गया है, लेकिन काम शुरू करने के लिए कुछ मंजूरियां अभी बाकी हैं। पावर ग्रिड को सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) से ट्रांसमिशन लाइसेंस और ट्रांसमिशन चार्जेस के लिए हरी झंडी का इंतजार है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
अगले कुछ महीनों में इस 1,000 किमी लंबी लाइन और बाड़मेर-II में सिंक्रोनस कंडेंसर यूनिट्स के निर्माण कार्य की प्रगति पर नजर रखना जरूरी होगा। कंपनी को फिलहाल लाइसेंस मिलने का इंतजार है, जो इस प्रोजेक्ट के भविष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है।
