Pipan Oils Limited ने फाइनेंशियल ईयर **2026** के लिए **₹2.07 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। कंपनी अब अपने पुराने बिजनेस (जिसे पहले Omansh Enterprises के नाम से जाना जाता था) से हटकर पूरी तरह से ऑयल एंड गैस सेक्टर में कदम रखने की तैयारी कर रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और ग्रोथ प्लान
कंपनी के हालिया सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को ₹206.76 लाख का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹19.26 लाख था। कंपनी का कुल रेवेन्यू फिलहाल शून्य (Nil) है, जबकि कुल खर्च बढ़कर ₹85.80 लाख हो गया है।
इस नए बिजनेस मॉडल को गति देने के लिए बोर्ड ने 26,29,416 CCPS (Compulsorily Convertible Preference Shares) जारी करने का प्रस्ताव रखा है। प्रति शेयर ₹91 की कीमत पर कंपनी बाजार से लगभग ₹23.93 करोड़ की पूंजी जुटाएगी।
फंड का इस्तेमाल और स्ट्रैटेजी
जुटाए गए फंड का 90% हिस्सा ऑयल एंड गैस सेक्टर में कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए खर्च किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से तेल कुओं की खुदाई (Drilling) और डेवलपमेंट का काम शामिल है। यह बदलाव कंपनी के पुराने स्वरूप से काफी अलग है।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव
- अवनीश जिंदल को 5 सितंबर 2026 से मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
- M/s Raconteur Granite Limited को 'प्रमोटर' कैटेगरी से हटाकर अब 'पब्लिक' कैटेगरी में री-क्लासिफाई किया जाएगा।
- प्रिफरेंस शेयर्स की फेस वैल्यू ₹10 से घटाकर ₹2 करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
बिजनेस एग्रीमेंट
कंपनी ने 'Dipling Cluster – DSF – 2016 Block' के लिए एक 'फार्म-इन' एग्रीमेंट किया है, जिसमें Ramayna Ispat, Duggar Fiber, BDN Enterprises और Mahendra Infratech जैसे नाम शामिल हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks)
निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू अभी शून्य है। कंपनी की भविष्य की चाल पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि वे ऑयल एंड गैस प्रोजेक्ट्स को कितनी कुशलता से एग्जीक्यूट करते हैं और फंड जुटाने की प्रक्रिया कितनी सफल रहती है।
