PTC India ने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। हालांकि रेवेन्यू में बढ़त दिखी है, लेकिन नेट प्रॉफिट **₹133.82 करोड़** से गिरकर **₹113.23 करोड़** पर आ गया है। इस बीच, सब्सिडियरी कंपनी PFS के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर आई है।
मुनाफे में गिरावट, रेवेन्यू में उछाल
सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के नतीजों पर नजर डालें तो PTC India का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹5,326.89 करोड़ से बढ़कर ₹5,701.88 करोड़ हो गया है। हालांकि, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल आधार पर गिरावट दर्ज की गई है। कंसोलिडेटेड स्तर पर देखें तो मुनाफा ₹222.05 करोड़ से घटकर ₹159.10 करोड़ पर आ गया है।
PFS के लिए बड़ी रेगुलेटरी जीत
कंपनी की सब्सिडियरी, PTC India Financial Services (PFS) ने RBI द्वारा निर्धारित 75% इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस एक्सपोजर की सीमा को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस अनुपालन की पुष्टि 23 अक्टूबर 2026 को एक स्वतंत्र ऑडिट फर्म द्वारा की गई है।
बड़ी राहत यह है कि RBI ने PFS को ₹191.20 करोड़ के इम्पेयरमेंट रिजर्व को रिवर्स करने की अनुमति दे दी है, जिससे बैलेंस शीट काफी मजबूत हो गई है।
बुक्स की सफाई
कंपनी ने अपने बही-खातों को दुरुस्त करते हुए RS India Wind Energy और Varam Bio Energy में किए गए इक्विटी निवेश को राइट-ऑफ कर दिया है। ये निवेश पहले से ही इम्पेयर थे, इसलिए अब कंसोलिडेटेड परिणामों पर इनका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
हालांकि, मार्जिन पर दबाव साफ दिख रहा है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या कंपनी भविष्य में रेवेन्यू ग्रोथ को बेहतर मुनाफे में बदल पाएगी।
