PTC India ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) 33% घटकर ₹70.67 करोड़ रहा, जिसका मुख्य कारण सरचार्ज और रीबेट इनकम में आई कमी है। हालांकि, ट्रेडिंग वॉल्यूम 12% बढ़कर 25,783 MUs पर पहुंच गया और ट्रेडिंग इनकम 11% बढ़कर ₹86.31 करोड़ हो गई। कंपनी को REMCL से 3 साल का वर्क ऑर्डर भी मिला है।
PTC India के Q1 FY27 के नतीजे
PTC India ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने नतीजे घोषित किए हैं। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) 33% घटकर ₹70.67 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹104.78 करोड़ था।
प्रॉफिट घटने की वजह?
कंपनी के प्रॉफिट में आई इस गिरावट की मुख्य वजह सरचार्ज इनकम में 92% और रीबेट इनकम में 32% की भारी कमी रही। ये कंपनी के नॉन-कोर इनकम सोर्स हैं, जिनमें कमी आने से बॉटम लाइन पर असर पड़ा।
ट्रेडिंग बिजनेस में तेजी
इसके बावजूद, PTC India के कोर बिजनेस में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। कंपनी का ट्रेडिंग वॉल्यूम 12% बढ़कर 25,783 मिलियन यूनिट (MUs) तक पहुंच गया। वहीं, ट्रेडिंग इनकम में 11% का इजाफा हुआ और यह ₹86.31 करोड़ पर पहुंच गई। कंसल्टेंसी इनकम भी 9% बढ़कर ₹10.76 करोड़ दर्ज की गई।
REMCL से नया वर्क ऑर्डर
कंपनी के लिए एक अच्छी खबर यह भी है कि उसे REMCL (Railway Energy Management Company Limited) से 3 साल का एक महत्वपूर्ण वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर इंडियन रेलवेज के लिए पावर प्रोक्योरमेंट से जुड़ा है। यह दिखाता है कि कंपनी पारंपरिक पावर ट्रेडिंग से आगे बढ़कर सर्विस-आधारित बिजनेस, खासकर रिन्यूएबल एनर्जी और कंसल्टेंसी में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी किस तरह से नॉन-कोर इनकम में आई कमी को मैनेज करती है। साथ ही, REMCL जैसे नए प्रोजेक्ट्स और रिन्यूएबल एनर्जी एडवाइजरी बिजनेस से कंपनी को कितना फायदा होता है, यह देखना अहम होगा।
