Oswal Pumps: IPO के पैसों का रूट बदला, सोलर प्लांट लगाने पर कंपनी का बड़ा दांव

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AuthorMehul Desai|Published at:
Oswal Pumps: IPO के पैसों का रूट बदला, सोलर प्लांट लगाने पर कंपनी का बड़ा दांव

Oswal Pumps ने अपने IPO से जुटाए अनयूज्ड फंड में से **₹159.85 करोड़** को अब सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग की ओर मोड़ने का फैसला किया है। कंपनी हरियाणा के करनाल में **1.2 GW** क्षमता का ग्रीनफील्ड सोलर सेल प्लांट लगाएगी, ताकि **FY2028** तक अपनी **75%** आंतरिक जरूरतों को पूरा किया जा सके।

बदल गया कंपनी का गेम प्लान

कंपनी ने अपने बोर्ड से उन फंड्स को इस्तेमाल करने की मंजूरी ले ली है जो पहले एल्युमीनियम फ्रेम बनाने के लिए रखे गए थे। अब यह ₹159.85 करोड़ की भारी-भरकम राशि कंपनी के सोलर डिवीजन को मजबूत करेगी। इस प्रस्ताव पर अब शेयरहोल्डर्स की मुहर लगना बाकी है, जिसके लिए पोस्टल बैलट की प्रक्रिया चल रही है।

क्यों लिया यह फैसला?

ओसवाल पंप्स के लिए सोलर सेल की सप्लाई में आ रही बाधाएं बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। कंपनी अब कम वैल्यू वाले एल्युमीनियम कंपोनेंट्स से हटकर सेल मैन्युफैक्चरिंग की ओर शिफ्ट हो रही है। इस कदम से न केवल इनपुट कॉस्ट स्टेबल होगी, बल्कि कंपनी PM-KUSUM और PM Surya Ghar जैसी सरकारी स्कीमों में भी बेहतर तरीके से मुकाबला कर पाएगी।

रिस्क और चुनौतियां

यह बदलाव जितना आकर्षक दिख रहा है, उसके सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के अलावा, ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट को सही समय पर पूरा करना कंपनी के लिए बड़ी परीक्षा होगी। निवेशकों को अब प्रोजेक्ट की टाइमलाइन, संभावित लागत में बढ़ोतरी और मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के एग्जीक्यूशन पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.